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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दरवाजे या बैग को छूते ही क्यों लगता है जोर का झटका? शायद ही पता होगी इसके पीछे की साइंस

    Updated: Thu, 03 Apr 2025 07:34 PM (IST)

    आपने अक्सर यह गौर किया होगा कि किसी चीज या व्यक्ति को छूते ही अचानक करंट (Current) जैसा महसूस होता है। ऐसा कई बार होता है और बिल्कुल असली बिजली के झटक ...और पढ़ें

    क्यों किसी चीज को छूते ही लगता है करंट (Picture Credit- Freepik)
    क्यों किसी चीज को छूते ही लगता है करंट (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. अक्सर किसी चीज या व्यक्ति को छूते की करंट लगता है।
    2. यह काफी आम है, जिसे लगभग हर कोई महसूस करता है।
    3. इसके पीछे बेहद दिलचस्प वजह है, जिसे कम लोग भी जानते हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको भी बिना बिजली के करंट (Current) लगता रहता है? मतलब क्या कभी दरवाजे, कुर्सी या किसी इंसान को छूते ही आपको भी करंट जैसा महसूस होता है। अचानक ही कुछ छूने पर क्या आपको भी स्पार्क (Static Electricity) जैसी आवाज आती है। अगर हां, तो ऐसा महसूस करने वाले आप अकेले नहीं। ऐसा अक्सर कई लोगों के साथ होता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना बिजली किसी चीज को छूने से अचानक झटका क्यों लगता है? आइए आज इस आर्टिकल में हम आपको इसका कारण बताते हैं।

    क्या है करंट लगने का साइंस

    किसी चीज को छूने पर लगने वाले करंट के पीछे पूरा साइंस है, जिसे आज हम आपको बताने वाले हैं। बचपन में हम सभी ने साइंस में यह पढ़ा होगा कि हमारे आसपास मौजूद सभी चीजें परमाणु यानी एटम (Atom) से बनी होती हैं। ये एटम इतने छोटे होते हैं कि इन्हें बिना माइक्रोस्कोप के देखना लगभग नामुमकिन होता है। यह एटम 3 कणों इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बने होते हैं। इन तीनों कणों में इलेक्‍ट्रॉन का चार्ज नेगेटिव (-) होता है, प्रोटॉन में पॉजिटिव (+) चार्ज होता है और न्यूट्रॉन बिल्कुल न्‍यूट्रल होता है।

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    किसी चीज को छूने पर क्यों लगता करंट?

    आमतौर पर एटम प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन संख्या बराबर ही होती है और इसलिए यह न्यूट्रल रहता है, लेकिन जब एटम में प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉन का बैलेंस बिगड़ जाता है और यह ऑड नंबर्स में आ जाता है, तो इलेक्ट्रॉन्स उत्तेजित हो जाते हैं। आमतौर पर एटम में इलेक्ट्रॉन की संख्या बाउंंस होती है। ऐसे में जब किसी चीज या व्यक्ति में इलेक्ट्रॉन बढ़ जाते हैं, तो नेगेटिव चार्ज बनता है। ये नेगेटिव चार्ज जब किसी दूसरी चीज या व्यक्ति के पॉजिटिव इलेक्ट्रॉन्स की ओर अट्रैक्ट होते हैं, जो छूने पर झटका महसूस होता है। ऐसा इलेक्ट्रॉन की तेज स्पीड की वजह से ही होता है।

    मौसम का भी होता है असर?

    इस तरह के इलेक्ट्रिक चार्ज पर मौसम का भी गहरा असर होता है। करंट लगने का यह सिलसिला सर्दियों में ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सर्दियों में अक्सर मौसम ड्राई होता है, तो इलेक्ट्रिक चार्ज सबसे ज्यादा बनते हैं। वहीं, गर्मियों में हवा में मौजूद नमी निगेटिव चार्ज वाले इलेक्ट्रॉन को खत्म कर देती है, इसलिए इस मौसम में इलेक्ट्रिक चार्ज या करंट कम महसूस होता है।

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