प्राचीन मिस्र की पत्थरों से लेकर डिजिटल स्क्रीन तक, बहुत दिलचस्प है विज्ञापनों के बिलबोर्ड्स का सफर
सड़कों के किनारे दिखने वाले बिलबोर्ड का इतिहास सदियों पुराना है।

बेहद दिलचस्प है 'बिलबोर्ड्स' का इतिहास (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सड़कों के किनारे आपने बड़े-बड़े बिलबोर्ड्स लगे देखे होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं इनकी शुरुआत कैसे हुई? आज हम जिन बिलबोर्ड्स पर बड़े-बड़े ब्रांड्स के विज्ञापन देखते हैं, असल में उसकी कहानी सदियों पुरानी है।
मिस्त्र के पत्थरों पर उकेरी घोषणाओं से लेकर आज के डिजिटल बिलबोर्ड्स तक ये सफर काफी दिलचस्प रहा है। आइए जानें इस बारे में।
प्राचीन मिस्र से हुई थी शुरुआत
आउटडोर एड्स का इतिहास हजारों साल पुराना है। इसकी शुरुआत प्राचीन मिस्र में हुई थी। उस समय में न तो कागज हुआ करते थे और न ही तकनीक विकसित हुई थी। इसलिए पत्थरों के बड़े-बड़े ओबेलिस्क यानी स्तंभों पर किसी भी तरह की घोषणा को लिखकर जनता के सामने प्रदर्शित किया जाता था। पत्थरों पर लिखी गईं घोषणाएं भी एक तरह का विज्ञापन ही हुआ करती थीं।
प्रिंटिंग तकनीक ने बदली दुनिया
समय बदलने के साथ 15वीं सदी में लिथोग्राफिक प्रिंटिंग तकनीक का आविष्कार हुआ। इस नई तकनीक के आने के बाद पोस्टर और छपे हुए विज्ञापनों का चलन तेजी से बढ़ा, क्योंकि ये पत्थरों पर घोषणा लिखने जितना मुश्किल नहीं था। इसके बाद 19वीं सदी आते-आते तकनीक और विकसित हुई और विज्ञापन का तरीका भी एडवांस हुआ। लोग बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों की दीवारों पर पोस्टर चिपकाकर विज्ञापन देने लगे।
मॉडर्न बिलबोर्ड का जन्म
आज के मॉडर्न बिलबोर्ड की शुरुआत 1830 के दशक में हुई, जो विज्ञापन की दुनिया के लिए मील का पत्थर था। इसके बाद 20वीं सदी की शुरुआत के साथ बिलबोर्ड्स के आकार और उनकी डिजाइनिंग को स्टैंडडाइज किया गया, ताकि एक पैमाना सेट किया जा सके। इन बदलावों के आते ही कई बड़े-बड़े ब्रांड्स ने बड़े-बड़े बिलबोर्ड पर अपना विज्ञापन देना शुरू कर दिया और एडवर्टाइजिंग एजेंसीज को एक इंडस्ट्री के रूप में खड़ा किया।
बस शेल्टर से लेकर डिजिटल बोर्ड तक का सफर
1960 के दशक में आउटडोर विज्ञापन की दुनिया में एक और बड़ा मोड़ आया और बस शेल्टरों पर विज्ञापन देने की शुरुआत हुई। इसके बाद इस सेक्टर का दायरा तेजी से फैलता चला गया, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव 1990 के दशक में आया। इस दशक में डिजिटल बिलबोर्ड ने बाजार में एंट्री ली। डिजिटल बोर्ड आने से विज्ञापनों को बिना किसी देरी के तुरंत बदलना मुमकिन हो गया, जिसने विज्ञापन की दुनिया में क्रांति ला दिया।
