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    वसंत कुंज में HC के आदेशों के बावजूद घरों तक नहीं पहुंचा पानी, टैंकरों पर निर्भर 10 हजार की आबादी

    Updated: Wed, 18 Feb 2026 06:05 PM (IST)

    वसंत कुंज सेक्टर ई-1 और ई-2 में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों के बावजूद पाइपलाइन से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। स्थानीय आरडब्ल्यूए ने 2023 में याचिका द ...और पढ़ें

    दिल्ली जल बोर्ड के टैंकर से पानी भरते लोग। (फाइल फोटो)

    दिल्ली जल बोर्ड के टैंकर से पानी भरते लोग। (फाइल फोटो)

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    जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। वसंत कुंज सेक्टर-ई-1 और ई-2 में पेयजल की सीधे आपूर्ति को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से दिए गए आदेशों के बावजूद लोगों को पीने का पानी नहीं मिला है। स्थानीय रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) की ओर से इस मामले पर 2023 से मामला कोर्ट में है।

    कोर्ट की ओर से दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) दोनों को मामले का निस्तारण कर इलाके में पाइपलाइन बिछाने और लोगों को पेयजल मुहैया करने के आदेश दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद 10 हजार की आबादी पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर है।

    दरअसल, वसंत कुंज के सेक्टर–ई-1 और ई-2 के डीडीए फ्लैट्स में डीजेबी की ओर से सीधे पेयजल आपूर्ति नहीं होती है। दोनों कॉलोनियों में दिल्ली जल बोर्ड के पंप से डीडीए के टैंकरों में आता है।

    टैंकर सोसायटी में बने डरग्राउंड वाटर रिजर्वायर (यूजीआर) को भरते है और इससे आगे घरों में पानी की आपूर्ति होती है। इसे लेकर सेक्टर-ई के तत्कालीन आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पंकज कुमार ने वर्ष 2023 में हाई कोर्ट में याचिका दायर कर निवासियों को सुरक्षित पाइप्ड पेयजल उपलब्ध कराने की मांग उठाई थी। याचिका में डीडीए और डीजेबी दोनों को पक्षकार बनाया गया है।

    कोर्ट के आदेशों का भी नहीं हुआ पालन

    आरडब्ल्यूए की ओर से दायर याचिका पर अगस्त 2025 में कोर्ट में हुई सुनवाई में कोर्ट ने डीजेबी को निर्देश दिए कि वह इस बारे में हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करे और विस्तृत योजना बताए कि पानी की पाइपलाइन बिछाकर समस्या का समाधान कैसे किया जाएगा। साथ ही इसे लेकर आठ सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने के भी आदेश जारी किए गए थे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि अब तक ना तो पाइपलाइन बिछी है और न ही स्थायी समाधान किया गया है।

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    बढ़ाए बिलों पर भी विवाद, अप्रैल में होगी सुनवाई

    पेयजल आपूर्ति के अलावा इलाके में पानी के बिलों को लेकर भी विवाद है। आरडब्ल्यूए की ओर से डीडीए द्वारा पानी के बिलों में की गई भारी वृद्धि और उसे जुलाई 2020 से प्रभावी मानते हुए बकाया वसूली किए जाने के निर्णय को भी कोर्ट में चुनौती दी गई है।

    दिसंबर 2025 में हुई इस मामले की अंतिम सुनवाई में अदालत ने डीडीए को संशोधित बिलों के आधार पर निवासियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने का अंतरिम आदेश दिया। साथ ही डीडीए व डीजेबी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा था। इस मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल 2026 को तय की गई है।

    इन आंकड़ों पर एक नजर डालें

    • 2023 में पेयजल आपूर्ति को लेकर डाली थी याचिका
    • 13 अप्रैल 2026 में होनी है अगली सुनवाई
    • 10 हजार की आबादी है ई-1 और ई-2 में

     

    पांच साल पहले वसंत कुंज-ई-1 में फ्लैट आवंटित हुए थे, जबकि ई-2 में साल 2010 से फ्लैट आवंटित हैं। इन कालोनियों में डीडीए टैंकरों में पानी पहुंचाता है। पाइप लाइनों से घरों तक पेयजल आपूर्ति को लेकर वर्ष 2023 में याचिका डाली गई थी। कोर्ट ने डीडीए और डीजेबी दोनों को आदेश थे कि योजना बनाकर पानी मुहैया कराया जाए, लेकिन इसे लेकर कुछ नहीं किया गया है।


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    - पंकज कुमार, याचिकाकर्ता व पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष