4 घंटे के इंतजार के बाद आया फैसला, ताहिर हुसैन अपना नाम सुनते ही कोर्ट में रो पड़ा; जानिए कोर्ट में क्या हुआ?
अंकित शर्मा हत्याकांड में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। फैसला सुनते ही ताहिर हुसैन अदालत में भावु ...और पढ़ें

पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन अदालत में फैसला सुनते ही रो पड़ा। फाइल फोटो
HighLights
अंकित शर्मा हत्याकांड में पांच आरोपी दोषी करार।
पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन अदालत में रो पड़े।
कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुनाया बहुप्रतीक्षित फैसला।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। अंकित शर्मा हत्याकांड का निर्णय आना था तो कड़कड़डूमा कोर्ट का माहौल सोमवार दोपहर से ही गंभीर बना हुआ था। दोपहर करीब दो बजे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत के बाहर और अंदर हलचल तेज हो गई। कोर्टरूम में मीडिया कर्मी, अधिवक्ता, आरोपितो के स्वजन, सुरक्षाकर्मी और कोर्ट स्टाफ अपनी-अपनी जगहों पर मौजूद थे। यह इंतजार लंबा खिंचता गया और करीब चार घंटे तक सभी फैसले की प्रतीक्षा में बैठे रहे।
सभी ध्यान से हर शब्द सुनने लगा
दरअसल, आरोपित ताहिर हुसैन, नाजिम और कासिम को न्यायिक हिरासत से कोर्ट में पेश किया गया था। अन्य आरोपित जमानत पर थे तो वे भी हाजिर हुए थे। आखिरकार शाम करीब छह बजे अदालत ने बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाना शुरू किया। जैसे ही जज ने आदेश पढ़ना शुरू किया, पूरे कोर्टरूम में सन्नाटा पसर गया और हर कोई ध्यान से हर शब्द सुनने लगा।
भावुक होकर रो पड़े
अदालत ने 11 आरोपियों में से पांच को दोषी करार दिया। जैसे ही आप का पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन का नाम दोषियों में आया, वह खुद को संभाल नहीं सके और कोर्टरूम में ही भावुक होकर रो पड़ा। वहीं, उसके साथ मौजूद अन्य दोषी भी भावुक दिखाई दिये।
मामले में कब-क्या हुआ?
- 23 फरवरी 2020: जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे सीएए विरोध प्रदर्शन शुरू।
- 24 फरवरी 2020: मौजपुर-जाफराबाद इलाके में दो गुटों में पथराव और हिंसा की शुरुआत।
- 25 फरवरी 2020 (दोपहर): आइबी अधिकारी अंकित शर्मा चांद बाग स्थित घर से बाहर निकले। इसी दौरान उग्र भीड़ ने उन्हें घेर लिया और खींचकर ले गई।
- 25 फरवरी 2020 (शाम): आरोप है चांद बाग पुलिया के पास भीड़ ने चाकू, सरियों और डंडों से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
- 25 फरवरी 2020 (रात): अंकित शर्मा के घर नहीं लौटने पर परिवार ने तलाश शुरू की।
- 26 फरवरी 2020: खजूरी खास नाले से अंकित शर्मा का शव बरामद। पोस्टमार्टम में 50 से अधिक चोटों की पुष्टि।
- 26 फरवरी 2020: दयालपुर थाना में पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज।
- मार्च-अप्रैल 2020: दिल्ली पुलिस ने प्रारंभिक जांच की, कई संदिग्धों की पहचान।
- जून 2020: मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई।
- जून-जुलाई 2020: पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन सहित कई आरोपितों की गिरफ्तारी।
- सितंबर 2020: क्राइम ब्रांच ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
- 2021: अदालत में आरोप तय (चार्ज फ्रेमिंग), ट्रायल की प्रक्रिया शुरू।
- 2021-2024: गवाहों के बयान, जिरह और साक्ष्यों की जांच जारी।
- 2025: मामले में अंतिम दलीलें पूरी हुईं।
- 13 जुलाई 2026: अदालत ने पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपितों को दोषी करार दिया।
यह भी पढ़ें- 2020 दिल्ली दंगे की सबसे चर्चित हत्या; अंकित शर्मा के साथ उस दिन क्या हुआ था, 'हिंदू-हिंदू' बोल भीड़ ने किसे दौड़ाया?