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Monsoon 2026: क्या इस बार धोखा देगा मानसून, किस महीने होगी कितनी बारिश? Skymet ने जारी किया पूर्वानुमान

Published: Tue, 07 Apr 2026 12:24 PM (GMT+05:30)Updated: Tue, 07 Apr 2026 01:21 PM (GMT+05:30)

Monsoon 2026 : स्काईमेट वेदर ने 2026 के लिए भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें 'सामान्य से कम' बारिश की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह से मौसम ने सुहाना रूप ले लिया। गुरुग्रा में आसमान घने बादलों की चादर से ढका रहा। फोटो- जागरण

दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार सुबह से मौसम ने सुहाना रूप ले लिया। गुरुग्रा में आसमान घने बादलों की चादर से ढका रहा। फोटो- जागरण

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समय कम है?

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संक्षेप में पढ़ें

संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। निजी मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर ने साल 2026 के लिए भारत के दक्षिण-पश्चिम मानसून का अपना पूर्वानुमान जारी कर दिया है। स्काईमेट के अनुसार, इस साल मानसून 'सामान्य से कम' रहने की संभावना है। एजेंसी ने अनुमान लगाया है कि जून से सितंबर के दौरान दीर्घावधि औसत (LPA) की 94% बारिश हो सकती है।

अल नीनो का साया और कमजोर मानसून की आशंका

स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल से सक्रिय 'ला नीना' की स्थिति अब समाप्त हो रही है और प्रशांत महासागर अब 'ईएनएसओ-न्यूट्रल' (ENSO-neutral) की ओर बढ़ रहा है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि मानसून के शुरुआती चरण में 'अल नीनो' (El Niño) के विकसित होने की संभावना है, जो सीजन के दूसरे भाग में और मजबूत हो सकता है। अल नीनो के कारण मानसून कमजोर पड़ सकता है और बारिश के वितरण में अनियमितता देखने को मिल सकती है।

महीने के अनुसार कैसा रहेगा बारिश का हाल?

स्काईमेट ने मानसून के चार महीनों के लिए अलग-अलग अनुमान पेश किए हैं:

  1. जून: मानसून की शुरुआत अच्छी रहने की उम्मीद है। जून में LPA की 101% बारिश का अनुमान है, जो सामान्य है।
  2. जुलाई: इस महीने से मानसून में कुछ कमी आ सकती है। जुलाई में 95% बारिश की संभावना जताई गई है।
  3. अगस्त: अगस्त के दौरान बारिश और घटकर 92% रह सकती है।
  4. सितंबर: सीजन के आखिरी महीने में मानसून सबसे कमजोर रहने की आशंका है, जहां केवल 89% बारिश का अनुमान है।
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तस्वीर- एआई जनरेटेड

किन राज्यों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

स्काईमेट के अनुसार, देश के मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बारिश की कमी देखी जा सकती है। विशेष रूप से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में अगस्त और सितंबर के दौरान सामान्य से काफी कम बारिश होने की संभावना है। हालांकि, देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बाकी भारत की तुलना में बेहतर बारिश की उम्मीद है।

पूर्वानुमान के प्रमुख बिंदु

  • कुल बारिश का अनुमान: 868.6 मिमी (LPA) का 94%।
  • सूखे की आशंका: स्काईमेट ने 30% संभावना जताई है कि देश को सूखे (Drought) का सामना करना पड़ सकता है।
  • सामान्य बारिश की संभावना: सामान्य बारिश होने की संभावना केवल 20% है।
  • आईओडी (IOD) का प्रभाव: इंडियन ओशन डिपोल (IOD) के न्यूट्रल रहने की उम्मीद है, जिससे मानसून की शुरुआत तो ठीक हो सकती है, लेकिन यह अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव को पूरी तरह रोकने में सक्षम नहीं होगा।

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तस्वीर- एआई जनरेटेड


स्काईमेट की इस रिपोर्ट ने किसानों और कृषि क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। चूंकि भारतीय कृषि काफी हद तक मानसून पर निर्भर है, इसलिए अगस्त और सितंबर में बारिश की कमी फसलों की पैदावार को प्रभावित कर सकती है।

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