'मेरे साथ भी हादसा न हो जाए...' सत्यनिकेतन हादसे के बाद पीजी में अकेले रहने से घबरा रहे छात्र
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के पीजी में रहने वाले छात्र असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और तनाव में ...और पढ़ें
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पीजी छोड़कर जा रहे छात्र।
HighLights
सत्य निकेतन हादसे से पीजी छात्रों में असुरक्षा और घबराहट।
डीयू कॉलेजों ने छात्रों के लिए काउंसलिंग हेल्पलाइन शुरू की।
70% छात्र तनाव में, मानसिक संबल और मार्गदर्शन दिया जा रहा।
शालिनी देवरानी, दक्षिणी दिल्ली। 'मुझे दो दिन से नींद नहीं आ रही है। बार-बार लगता है कि सोते हुए मेरे साथ हादसा न हो जाए। घर पर बात करूंगा तो परिवार वाले परेशान हो जाएंगे। समझ नहीं आ रहा क्या करूं।'
'मैं एक दोस्त के साथ पीजी में रहती हूं, हादसे वाले दिन वह अपने रिश्तेदार के यहां चली गई। अब अकेले रहने में घबराहट हो रही है। मन करता है कि सब छोड़कर घर चली जाऊं, लेकिन पढ़ाई भी जरूरी है।'
सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली के पीजी में रहने वाले विद्यार्थियों के मन में ऐसी ही दुविधा, बेचैनी और असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
डीयू के कॉलेजों की ओर से शुरू की गई काउंसलिंग हेल्पलाइन पर छात्रों की बातचीत में यह डर सामने आया है। पीजी और फ्लैट में रहने वाले विद्यार्थी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
इसे देखते हुए कई कॉलेज ने काउंसलिंग सेवा शुरू की है, जहां काउंसलर, शिक्षक और वालंटियर छात्रों से बातचीत कर उनकी परेशानियां सुन रहे हैं। साथ ही उन्हें मानसिक रूप से संभलने, अपनी सुरक्षा को लेकर जरूरी सावधानी बरतने और किसी भी आपात स्थिति में मदद लेने के बारे में मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
70 फीसदी छात्र तनाव में
श्री वेंकटेश्वर कॉलेज की मेंटल हेल्थ सोसायटी ‘एम्पथाइज’ की ओर से काउंसलिंग सेवा जारी है। सोसायटी की संयोजक डा. रितिका सिंह के मुताबिक, दो दिनों में करीब 30 फोन आए हैं, जिनमें 70 प्रतिशत ने पीजी में अकेले रहने को लेकर चिंता जताई।
कई विद्यार्थी घबराहट, तनाव और बेचैनी महसूस कर रहे हैं। उन्हें इस मुश्किल दौर से उबरने के लिए जरूरी मार्गदर्शन दिया जा रहा है। लेडी श्री राम कॉलेज की ओर से भी छात्रों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। वहीं, शहीद भगत सिंह कॉलेज ने भी काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन शुरू की है।
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण अत्री ने बताया कि हादसे बाद सोमवार तक सात छात्र कॉलेज में ठहरे थे। अब छात्रों को मानसिक संबल और जरूरी मार्गदर्शन देने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर करीब 20 फोन आ चुके हैं और ज्यादातर छात्र असुरक्षा की भावना से जूझ रहे हैं।
तनाव दूर रखने को दिए जा रहे सुझाव
- तनाव हो तो किसी दोस्त, शिक्षक, परिवार के सदस्य से बात करें।
- सोने से पहले हादसे से जुड़ी खबरें या वीडियो देखने से बचें।
- पीजी की सुरक्षा व्यवस्था खुद जांचें।
- दिनचर्या सामान्य रखने की कोशिश करें।
- पढ़ाई, भोजन, नींद पर ध्यान दें, एक्सरसाइज करें।
- जरूरत लगे तो काउंसलिंग लें।
