चांदनी चौक की संकरी गलियों में कैसे चलेगी ट्रैकलेस ट्राम? जानिए रूट, तकनीक, क्षमता और खासियत
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में 63 साल बाद ट्रैकलेस ट्राम सेवा शुरू करने की योजना पर सरकार विचार कर रही है। यह परियोजना संकरी सड़कों के लिए उपयुक्त हो ...और पढ़ें

पुरानी दिल्ली में ट्रैकलेस ट्राम चलाने की योजना। इमेज एआई
HighLights
पुरानी दिल्ली में ट्रैकलेस ट्राम चलाने की योजना।
संकीर्ण सड़कों के लिए उपयुक्त, पर्यटन को बढ़ावा।
जामा मस्जिद, लाल किला को जोड़ेगा प्रस्तावित रूट।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक चांदनी चौक इलाके में एक बार फिर ट्राम सेवा शुरू करने की योजना पर सरकार ने विचार शुरू किया है। इस बार ट्राम के लिए सड़क पर अलग से ट्रैक बिछाने के बजाय ट्रैकलेस ट्राम चलाने का प्रस्ताव है।
सरकार का मानना है कि इस तरह की ट्राम पुरानी दिल्ली की संकरी और घुमावदार सड़कों के अनुरूप अधिक आसानी से संचालित की जा सकती है। गत दिनों योजना पर इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम की बैठक में इस पर विचार हुआ है। योजना को लेकर सरकार ने विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। अध्ययन के बाद ही इसके रूट, आकार, क्षमता और अन्य तकनीकी पहलुओं का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
छोटी और आसानी से मुड़ने वाली होगी ट्राम
प्रस्तावित ट्राम की लंबाई और चौड़ाई पारंपरिक ट्राम की तुलना में कम रखने पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली की सड़कों पर मौजूद विभिन्न मोड़ों से इसे आसानी से निकालना है। शुरुआती चरण में विपरीत दिशाओं में दो ट्राम चलाने का विकल्प भी देखा जा रहा है।
इसकी गति अन्य सड़क वाहनों की तुलना में कम रखे जाने की संभावना है, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाके में यात्रियों और पैदल चलने वालों की सुरक्षा बनी रहे। सरकार की योजना के अनुसार ट्राम का संचालन फिलहाल पुरानी दिल्ली तक सीमित रखा जाएगा। इसका अंतिम रूट अभी तय नहीं हुआ है। ट्राम में कितनी सीटें होंगी, इसका आकार कितना होगा और किन सड़कों से इसे गुजारा जाएगा, इन सभी बिंदुओं पर अध्ययन के बाद निर्णय लिया जाएगा।
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पहले ट्राम सेवा बंद होने के बाद 2014 में हुई थी दोबारा शुरुआत की कोशिश
दिल्ली में ट्राम सेवा की शुरुआत 6 मार्च 1908 को हुई थी। करीब 55 वर्षों तक चलने के बाद दिसंबर 1963 में इसे बंद कर दिया गया। इसके बाद दिल्ली में ट्राम को दोबारा शुरू करने की चर्चा समय-समय पर होती रही। वर्ष 2014 में तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग के कार्यकाल में इसे फिर शुरू करने का प्रमुख प्रयास किया गया था।
अब सरकार ने ट्रैकलेस तकनीक के जरिए पुराने प्रयासों की सबसे बड़ी बाधा को दूर करने का विकल्प तलाशा है। सरकार का उद्देश्य केवल स्थानीय परिवहन सुविधा बढ़ाना नहीं, बल्कि चांदनी चौक और पुरानी दिल्ली के ऐतिहासिक क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा देना है। अध्ययन पूरा होने के बाद ही इस योजना के व्यवहारिक स्वरूप और अंतिम रूट पर फैसला होगा।
ट्रैकलेस ट्राम परियोजना: मुख्य प्वाइंटर
- पुरानी दिल्ली में देश की पहली ट्रैकलेस ट्राम चलाने की योजना
- परियोजना के लिए जल्द फिजिबिलिटी स्टडी शुरू की जाएगी।
- पीडब्ल्यूडी परियोजना की समीक्षा कर व्यापक रणनीति तैयार करेगा।
- ट्रैकलेस ट्राम को आंबेडकर डीटीसी बस डिपो में खड़ा करने का प्रस्ताव।
- प्रस्तावित रूट में जामा मस्जिद, चावड़ी बाजार, चांदनी चौक, लाल किला और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन को जोड़ने पर विचार।
- पारंपरिक ट्राम की तरह लोहे की पटरियां बिछाने या ओवरहेड कैटेनरी लगाने की जरूरत नहीं होगी।
- ट्राम इलेक्ट्रिक और शून्य-उत्सर्जन वाली होगी तथा छत पर लगी लिथियम-आयन बैटरी से चलेगी।