एनजीटी ने यमुना नदी में अवैध रेत खनन मामले में दिल्ली, गाजियाबाद सहित अन्य जिलों से मांगा जवाब
एनजीटी ने यमुना नदी में अवैध रेत खनन और सड़क निर्माण मामले में दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बागपत के वरिष्ठ ...और पढ़ें

दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बागपत के वरिष्ठ अधिकारियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश।
HighLights
एनजीटी ने अवैध रेत खनन मामले में स्वत: संज्ञान लिया।
दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बागपत के अधिकारियों को नोटिस जारी।
मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। यमुना नदी में सड़क बनाने और अवैध रेत खनन से जुड़े मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर और बागपत के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को पक्षकार बनाते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
मामले का स्वत: संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहे एनजीटी न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी की अध्यक्षता वाली पीठ ने बागपत, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद और दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेटों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। एनजीटी ने कहा कि कई ऐसे पहलुओं पर और सुनवाई की जरूरत है, जिन पर पिछली बहस के दौरान ठीक से ध्यान नहीं दिया गया था।
समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लेकर मामले पर सुनवाई
एनजीटी ने एक समाचार रिपोर्ट का संज्ञान लेकर मामले पर सुनवाई कर रही है। एनजीटी ने कहा कि अदालत को दिल्ली के साथ ही यूपी के विभिन्न जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पक्ष भी सुनना है। एनजीटी ने सभी पक्षकारों को ताजा नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा।
एनजीटी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त कार्य बल के गठन, कार्य बल की तिमाही बैठकों, बैठकों की पूरी जानकारी और कार्यवृत्त को अपलोड करने से लेकर पुलिस अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई सहित अन्य पहलुओं पर और विचार करने की जरूरत है। इसके साथ ही एनजीटी ने मामले की सुनवाई 15 सितंबर तक के लिए तय कर दी।
