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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

द्वारका एक्सप्रेस-वे के क्लोवरलीफ फ्लाईओवर का काम पूरा, निरीक्षण करने पहुंचेंगे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

By Nitin YadavEdited By: Nitin Yadav
Updated: Tue, 16 May 2023 08:56 PM (IST)

केंद्रीय भूतल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी गुरुवार यानी 18 मई को निर्माणाधीन द्वारका एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे को आपस में जोड़ने के लिए खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक बनाए गए फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर का काम पूरा हो गया है।

गुरुवार को द्वारका एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करेंगे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।
गुरुवार को द्वारका एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करेंगे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी।

गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। 18 मई यानी गुरुवार को केंद्रीय भूतल सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी निर्माणाधीन द्वारका एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने पहुंचेंगे। जानकारी के मुताबिक, यह एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हो गया है। इन दिनों इस पर लोड टेस्टिंग का काम चल रहा है। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी एसपीआर, दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे और द्वारका एक्सप्रेस-वे को आपस में जोड़ने के लिए खेड़कीदौला टोल प्लाजा के नजदीक बनाए गए फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर का भी निरीक्षण करेंगे।

निर्माण कार्य हुआ पूरा

कंद्रीय मंत्री के एक्सप्रेस-वे के निरीक्षण करने की जानकारी मंगलवार को स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को दी है। उन्होंने बताया कि द्वारका एक्सप्रेस-वे के गुरुग्राम भाग का निर्माण करीब-करीब पूरा होने को है। नौ हजार करोड़ की लागत से तैयार होने वाले द्वारका एक्सप्रेस-वे के खेड़कीदौला चौक पर फुल क्लोवरलीफ फ्लाईओवर का कार्य पूरा हो चुका है। गुरुग्राम भाग का शुभारंभ होने के बाद नए सेक्टरों व द्वारका एक्सप्रेस-वे से जुड़े ग्रामीणों का सफर सुहाना हो जाएगा।

4 हिस्सों में बांटकर किया जा रहा है निर्माण कार्य

गुरुग्राम के लोगों को दिल्ली पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग भी मिलेगा। जब इसका निर्माण शुरू हुआ था तब इसकी लागत करीब सात हजार करोड़ पर थी, लेकिन पूरा होते-होते निर्माण कार्य की लागत करीब नौ हजार करोड़ पर पहुंच गई। 29 किलोमीटर लंबाई वाले इस एक्सप्रेस वे का 18.9 किमी हिस्सा हरियाणा में है। बाकी दिल्ली में पड़ता है। यह देश का पहला एलिवेटेड अर्बन एक्सप्रेस-वे होगा। इसे चार हिस्सों में बांटकर निर्माण किया जा रहा है।