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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shiv Sena Symbol Freeze: उद्धव ठाकरे ने खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा, ECI के आदेश को रद करने की मांग

By AgencyEdited By: Geetarjun
Updated: Mon, 10 Oct 2022 05:24 PM (IST)

Maharashtra Politics भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के बाद उद्धव ठाकरे ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने चुनाव आयोग के आदेश को रद करने की मांग की है।

उद्धव ठाकरे ने खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा, ECI के आदेश को रद करने की मांग
उद्धव ठाकरे ने खटखटाया दिल्ली HC का दरवाजा, ECI के आदेश को रद करने की मांग

नई दिल्ली, एजेंसी। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न को फ्रीज करने के बाद उद्धव ठाकरे ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने चुनाव आयोग के आदेश को रद करने की मांग की है।

ठाकरे द्वारा दायर याचिका में चुनाव आयोग के 8 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया है कि इसे नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के पूर्ण उल्लंघन में और पक्षों की कोई सुनवाई किए बिना आदेश पारित किया गया था। याचिका में चुनाव आयोग और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथराव संभाजी शिंदे को पक्षकार बनाया गया है।

8 अक्टूबर को पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर लगी रोक

चुनाव आयोग ने शनिवार को उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुटों को अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव में पार्टी के नाम और उसके चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक लगा दी थी। मूल शिवसेना का चुनाव चिह्न धनुष बाण है, जिस पर दोनों गुट दावा कर रहे हैं।

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आयोग ने एक अंतरिम आदेश में संगठन पर नियंत्रण के लिए दावा कर रहे दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों से अपने-अपने गुट के लिए सोमवार यानी 10 अक्टूबर तक तीन-तीन नामों के विकल्प और साथ ही नए चुनाव चिह्न का सुझाव देने के लिए कहा है।

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कौन सा चुह्न चुनेंगे दोनों गुट

आयोग प्रस्तुत विकल्पों में से दोनों गुटों को नाम और चिह्न आवंटित कर सकता है। अब सवाल खड़ा होता है कि एकनाथ शिंदे और ठाकरे गुट कौन-सा नया चिह्न चुनेगा। शिंदे गुट की दशहरा रैली में स्टेज पर तलवार रखी गई थी। तलवार पूजा से ही रैली शुरू हुई थी।

उद्धव ठाकरे गुट की बात करें तो उद्धव के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने आज एक ट्वीट किया, जिसमें एक बाघ का फोटो डालकर कैप्शन में लिखा है- आमचं चिह्न- श्री उद्धव बालासाहेब ठाकरे। यहां भी सवाल जस का तस बना हुआ है कि चुनाव आयोग जिन तीन चुनाव चिह्नों में से एक विकल्प को चुनने का विकल्प देगा, उस लिस्ट में बाघ का चुनाव चिह्न भी नहीं है।