विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिकी नागरिक से चुराया था ढाई हजार डॉलर, IGI Airport के दो कर्मचारी गिरफ्तार; CCTV से खुलासा

Updated: Fri, 14 Mar 2025 11:34 AM (IST)

Two IGI Airport employees Arrested अमेरिकी नागरिक के ढाई हजार डॉलर चोरी करने के मामले में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट थाना पुलिस ने ज ...और पढ़ें

Delhi News: ढाई हजार डॉलर चुराने के मामले में आईजीआई एयरपोर्ट से दो कर्मचारी अरेस्ट। फाइल फोटो
Delhi News: ढाई हजार डॉलर चुराने के मामले में आईजीआई एयरपोर्ट से दो कर्मचारी अरेस्ट। फाइल फोटो

HighLights

  1. दिल्ली एयरपोर्ट पर चोरी का खुलासा
  2. दो कर्मचारी गिरफ्तार।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। अमेरिकी नागरिक के ढाई हजार डॉलर चुराने के मामले में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट थाना पुलिस ने जूनियर मैनेजर समेत दो एयरपोर्ट कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपितों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंद्रापुरम के गौरव कुमार व पालम कॉलोनी के प्रकाश चंद के रूप में हुई है। प्रकाश लोस्ट एंड फाउंड विभाग में जूनियर मैनेजर के पद पर तैनात है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।

आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने दर्ज किया केस

IGI Airport थाना पुलिस को अमेरिकी नागरिक ने बताया कि पिछले वर्ष 11 सितंबर को वह दिल्ली पहुंचे थे। यहां पर उनका एक बैग गायब हो गया था। जो बाद में उन्हें मिला, लेकिन उसमें से ढाई हजार अमेरिकी डॉलर गायब थे। आईजीआई एयरपोर्ट थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।

सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इस दौरान पता लगा कि टर्मिनल में बैग के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई। इसके बाद उस दौरान लोस्ट एंड फाउंड विभाग में ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की गई। इस दौरान गौरव और प्रकाश नामक दो पर पुलिस को शक हुआ।

पूछताछ में दोनों ने उगला अपना जुर्म

इस दौरान दोनों ने स्वीकार कर लिया कि चोरी उन्हीं ने की थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि जब भी किसी यात्री का कोई खोया हुआ सामान उनके कार्यालय में जमा होता था, तो उसे विवरण रजिस्टर में दर्ज किया जाता था और सिस्टम में भी विवरण दर्ज किया जाता था।

इसके बाद, खोई हुई संपत्ति को एलपी रूम में रखा जाता था। पांच दिनों के बाद, वह उस सामान को टी-2 एलपी रूम में भेज देते थे। 12 सितंबर 2024 को सीआइएसएफ के एक कर्मचारी ने कथित बैग को अपने कार्यालय में जमा कर दिया।

चोरी के पैसे घरेलू काम में हुए खर्च

जब वह बैग को टी-2 एलपी रूम में प्रकाश चंद को सौंप रहा था, तो उन्हें बैग से ढाई हजार अमेरिकी डॉलर मिले। लालच में आकर उसने प्रकाश को सुझाव दिया कि वे पैसे रख सकते हैं और इसे आपस में बांट सकते हैं।

जिस पर प्रकाश सहमत हो गया और उन्होंने बराबर-बराबर पैसे बांट लिए। आरोपितों ने सिस्टम से ढाई हजार रुपये की एंट्री भी डिलीट कर दी थी। आरोपितों ने बताया कि उन्होंने चोरी किए गए पैसे घरेलू काम के लिए खर्च कर दिए।

यह भी पढ़ें: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसे गर्भवती करने के मामले में व्यक्ति को आजीवन कारावास, अदालत ने सुनाई सजा