यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रोहिंग्या घुसपैठियों और अमित शाह के बयान को लेकर MCD सदन में हंगामा, शुरू नहीं हो सकी कार्यवाही
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की कार्यवाही गुरुवार को बुलाई गई थी लेकिन विपक्षी दलों के विरोध के चलते कार्यवाही प्रभावित हुई। भाजपा और कांग्रेस के पार्षद स ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) सदन में गुरुवार को उस समय अफरातफरी मच गई जब विपक्षी पार्षदों ने सत्तारूढ़ आप पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों को शरण देने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर 2 बजे शुरू होने वाला सत्र काफी देर तक शुरू नहीं हुआ था। दरअसल, मेयर महेश खिची 3 बजे तक सदन में नहीं पहुंचे थे।
भाजपा और कांग्रेस के पार्षद सदन के वेल में आ गए, बेंचों पर चढ़ गए और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधने वाले नारे लिखी तख्तियां पकड़ लीं। कुछ तख्तियों पर लिखा था, "अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी अप्रवासी आप के मित्र हैं" और "झूठे केजरीवाल, शर्म करो।" हॉल में 'मेयर साहेब टाइम पर आओ' और 'नहीं चलेगा, ऐसे हाउस नहीं चलेगा' जैसे नारे गूंज उठे।
विपक्षी पार्षदों ने मेयर की अनुपस्थिति की आलोचना की
विपक्षी पार्षदों ने मेयर की अनुपस्थिति की आलोचना की और सदन की कार्यवाही चलने देने से पहले माफी की मांग की। जवाब में, AAP पार्षदों ने देश के पहले कानून मंत्री बाबा साहेब आंबेडकर पर संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान पर निशाना साधते हुए "बाबा साहेब का अपमान नहीं सहेंगे" और "जय भीम" जैसे नारे लगाए।
आंबेडकर की विरासत को कमजोर करने का आप का आरोप
सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने भाजपा पर आंबेडकर की विरासत को कमजोर करने का आरोप लगाया। रोहिंग्या और बांग्लादेशी आप्रवासियों का मुद्दा दिल्ली में सत्तारूढ़ आप और विपक्षी भाजपा के बीच टकराव का मुद्दा रहा है। दोनों दलों के नेताओं ने एक-दूसरे पर चुनावी लाभ के लिए अवैध अप्रवासियों को बसाने और उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने का आरोप लगाया है।

