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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: PUC प्रमाणपत्र बनवाएं, वरना 10 हजार का फाइन या 3 माह की जेल; परिवहन विभाग का नोटिस जारी

By V K ShuklaEdited By: Geetarjun
Published: Sun, 19 Feb 2023 11:54 PM (IST)Updated: Mon, 20 Feb 2023 04:59 AM (IST)

अगर आप दिल्ली में रहते हैं या फिर यहां आते-जाते हैं और आपके वाहन का पीयूसी प्रमाणपत्र एक्सपायर हो गया ...और पढ़ें

पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाएं, नहीं तो 10 हजार रुपये जेब में लेकर चलें; परिवहन विभाग नोटिस किया जारी
पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाएं, नहीं तो 10 हजार रुपये जेब में लेकर चलें; परिवहन विभाग नोटिस किया जारी

नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। अगर आप दिल्ली में रहते हैं या फिर यहां आते-जाते हैं और आपके वाहन का पीयूसी प्रमाणपत्र एक्सपायर हो गया तो सोमवार को ही उसका नवीनीकरण करा लें, वरना आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। परिवहन विभाग ने रविवार को सार्वजनिक नोटिस जारी कर चेतावनी दी है कि अगर वाहनों का पीयूसी प्रमाणपत्र नहीं है तो उसे तुरंत बनवाएं, नहीं तो 10 हजार का चालान कटवाने के लिए तैयार रहें।

विभाग जल्द ही पीयूसी प्रमाणपत्र जांच के लिए अभियान चलाने जा रहा है। वाहनों के धुएं से होने वाले प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली परिवहन विभाग बिना वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के चल रहे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पेट्रोल पंपों के आसपास भी जांच करने के लिए अपनी टीमें लगाई हुई हैं।

तीन माह जेल या 10 हजार का चालान

इसमें वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना पकड़े जाने पर तीन माह के लिए जेल या 10 हजार का चालान हो सकता है या दोनों हो सकता है। इसके अलावा तीन माह तक ड्राइविंग लाइसेंस भी सस्पेंड हो सकता है।

परिवहन विभाग ने दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने और वायु गुणवत्ता में सुधार के अपने प्रयासों के तहत दिल्ली में सभी वाहन मालिकों से अनुरोध किया है कि वे वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के साथ ही वाहन चलाएं।

एक साल पुराने वाहन वाले भी बनवाएं

विभाग ने कहा है कि अगर वाहन का पंजीरण एक साल पुराना है तो भी वाहन चालक अपने वाहन का पीयूसी प्रमाणपत्र बनवाएं, प्रदूषण को देखते हुए ऐसा अनिवार्य किया गया है। दिल्ली की बात करें तो राजधानी में प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं। मगर हालात नहीं सुधर रहे हैं।

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दिल्ली में स्थानीय कारणों से भी प्रदूषण फैल रहा है। इस समय इस तरह के प्रदूषण में वाहनों का अधिक योगदान माना जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो दिल्ली में बढ़ रहा निजी वाहनों का उपयोग धुआं रूपी जहर को और गाढ़ा कर रहा है। जो मानव जीवन के लिए खतरा बन रहा है।