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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Pollution: ठंड के साथ-साथ दिल्ली पर प्रदूषण की मार, सीजन में तीसरी बार खतरनाक श्रेणी में पहुंचा AQI

Updated: Thu, 19 Dec 2024 09:59 PM (IST)

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ गया है और लगातार तीसरे दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 से अधिक बना हुआ है। सुबह के समय स्मॉग और कोहरे के ...और पढ़ें

राजधानी दिल्ली में सीजन में तीसरी बार खतरनाक श्रेणी में पहुंची हवा की गुणवत्ता।
राजधानी दिल्ली में सीजन में तीसरी बार खतरनाक श्रेणी में पहुंची हवा की गुणवत्ता।

HighLights

  1. सीपीसीबी के अनुसार बृहस्पतिवार को 451 रहा एयर इंडेक्स
  2. आइक्यूएयर ने सुबह 1066 व शाम चार बजे 262 बताया एयर इंडेक्स

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी में इस माह के शुरुआत में प्रदूषण से थोड़ी राहत थी, लेकिन ठंड बढ़ने के साथ ही प्रदूषण ज्यादा बढ़ा है। इस वजह से दिल्ली में लगातार तीसरे दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 से अधिक बना रहा और सुबह में स्मॉग व कोहरे के कारण एक माह बाद बृहस्पतिवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 450 से अधिक पहुंच गया। इस वजह से फिर हवा की गुणवत्ता खतरनाक (गंभीर प्लस) श्रेणी में पहुंच गई।

इससे सीजन में तीसरी बार पूरी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खतरनाक श्रेणी में रही। सुबह में प्रदूषण ज्यादा रहा, कोहरा छटने और दोपहर में स्मॉग कम होने के बाद प्रदूषण से थोड़ी राहत महसूस की गई। स्विस कंपनी के एप आइक्यूएयर के एयर इंडेक्स का डाटा इस बात की तरफ इशारा कर रहा है।

प्रदूषण से ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार अभी कुछ दिन प्रदूषण से ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। शुक्रवार को हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी रहेगी। इसके बाद भी तीन दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रहने की संभावना है।

समीर एप ने दिल्ली का एयर इंडेक्स 453 बताया

सीपीसीबी के अनुसार बृहस्पतिवार को दिल्ली का औसत एयर इंडेक्स 451 रहा, जो खतरनाक श्रेणी में है। इससे पहले 19 नवंबर को दिल्ली का एयर इंडेक्स खतरनाक श्रेणी में 460 और 18 नवंबर को 494 था। इसके बाद एयर इंडेक्स का आंकड़ा अब 450 से अधिक रहा है। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे सीपीसीबी के समीर एप ने दिल्ली का एयर इंडेक्स 453 बताया।

वहीं स्विस कंपनी के एप आइक्यूएयर ने सुबह साढ़े नौ से साढ़े दस बजे के बीच एयर इंडेक्स 1066 बताया। बाद में दोपहर में एयर इंडेक्स में सुधार होने से शाम चार बजे एक्यूआइ 262 बताया लेकिन रात नौ बजे एयर इंडेक्स दोबारा बढ़कर 449 हो गया।

सीपीसीबी का एप एयर इंडेक्स 450 से ज्यादा ही बता रहा

आइक्यूएयर ने ऐप ने बुधवार रात 12 बजे से बृहस्पतिवार रात साढ़े आठ बजे तक का औसत एयर इंडेक्स 529 बताया। इससे दिल्ली में सुबह व रात के वक्त जितना प्रदूषण महसूस किया उसकी तुलना में सीपीसीबी के समीर एप ने एयर इंडेक्स कम बताया। दोपहर में जब प्रदूषण से थोड़ी राहत महसूस की गई तब भी सीपीसीबी का एप एयर इंडेक्स 450 से ज्यादा ही बता रहा था लेकिन दिन में बहुत तेज धूप नहीं निकल पाई।

फैक्टरियों के धुएं की भागीदारी 6.41 प्रतिशत

सीपीसीबी के अनुसार वातावरण में पीएम-10 का अधिकतम स्तर 405.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो सामान्य से मानक से चार गुना अधिक है। पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 280.9 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो सामान्य मानक से साढ़े चार गुना अधिक है। आईआईटीएम पुणे के डिसिजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के अनुसार प्रदूषण में वाहनों के उत्सर्जन की भागीदारी सबसे अधिक 13.18 प्रतिशत व फैक्टरियों के धुएं की भागीदारी 6.41 प्रतिशत रही।

सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली में बवाना में एयर इंडेक्स सबसे अधिक 477, वजीराबाद में 469 व नेहरू नगर में 468 रहा। एनसीआर के शहरों में फरीदाबाद में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में और अन्य प्रमुख शहरों में एयर इंडेक्स बेहद खराब श्रेणी में रहा।

एनसीआर में सीपीसीबी व आइक्यूएयर द्वारा जारी एयर इंडेक्स

शहर सीपीसीबी आइक्यूएयर
दिल्ली 451 529
गाजियाबाद 386 278
नोएडा 367 251
गुरुग्राम 355 292
ग्रेटर नोएडा 355 199
फरीदाबाद 355 191

नोट- आक्यूएयर ऐप का औसत एयर इंडेक्स बुधवार रात 12 बजे से बृहस्पतिवार रात साढ़े आठ बजे तक का है।

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