विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Coaching Incident: कोचिंग सेंटर में पानी घुसने की वजह आई सामने, मुख्य सचिव को सौंपी गई रिपोर्ट

Updated: Thu, 01 Aug 2024 07:48 AM (IST)

Delhi Coaching Incident दिल्ली के राजेंद्र नगर (Rajendra Nagar) में स्थित कोचिंग सेटर राव आईएएस स्टडी सर्किल बेसमेंट में शनिवार शाम पानी भरने से सिविल ...और पढ़ें

इमारत के डिजाइन पर भी सवाल उठे। फोटो- जागरण
इमारत के डिजाइन पर भी सवाल उठे। फोटो- जागरण

HighLights

  1. नाले पर कब्जे और सड़क से इमारत की ऊंचाई कम होने से घुसा था पानी
  2. मंडलायुक्त को निगम द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में बात आई है सामने
  3. इमारत में पानी घुसने को रोकने के लिए नहीं था कोई अवरोध

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी के ओल्ड राजेंद्र नगर के कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी सर्किल को लेकर मुख्य सचिव को सौंपी गई रिपोर्ट में इमारत में कई खामियां उजागर हुई है।

निगम और मंडलायुक्त की रिपोर्ट में इमारत के डिजाइन पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही इलाके में जलभराव और कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में पानी घुसने के लिए एमसीडी को जिम्मेदार न बताते हुए कोचिंग सेंटर को जिम्मेदार बताया गया है।

बड़ा बाजार रोड पर था जलभराव

निगम के करोल बाग जोन अधीक्षण अभियंता एके नागपाल की रिपोर्ट के अनुसार इमारत ने वर्षा जल निकासी के नाले पर टाइल व पत्थर से स्लैब बनाकर कब्जा कर रखा था। चूंकि जमीन से कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी सर्किल का पिंथ लेवल (सड़क से इमारत की ऊंचाई) दूसरे कोचिंग सेंटरों की तुलना में कम थी और बड़ा बाजार रोड पर जलभराव हो रखा था।

ये भी पढ़ें-

Delhi Coaching Incident: आधे घंटे की बारिश से लापरवाह सिस्टम में डूबीं तीन जिंदगियां, जलभराव से अनजान थे अभ्यर्थी

सीढ़ियों से बेसमेंट में गया पानी

इसी बीच एक एसयूवी गाड़ी बड़ा बाजार रोड से गुजरी तो पानी हिलोरे मारते हुए कोचिंग सेंटर राव आईएएस स्टडी सर्किल भूतल पर बने पार्किंग स्थल पर पहुंच गया। इमारत के भूतल पर बने पार्किंग स्थल व सड़क के बीच में कोई अवरूद्ध नहीं था तो पानी बढ़ता ही चला गया। इससे पानी भूतल पर भरा और फिर सीढ़ियों के माध्यम से बेसमेंट में चला गया।

स्थिति से निपटने के लिए नहीं थे कोई इंतजाम

बेसमेंट में जलनिकासी की व्यवस्था अवरूद्ध थी और इमारत नीचले इलाके में होने के बाद भी इमारत में इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं थे। इमारत के भूतल पर पार्किंग एरिया से निकलने वाले पानी को बहार निकालने के लिए बने वर्षा जल निकासी को भी बंद कर रखा है।

दूसरी इमारतों ने तेज वर्षा के कारण जलभराव का पानी भूतल पर सीधा पानी घुसने से रोकने के लिए इंतजाम दीवार बना रखी है। यह सुनिश्चित कर रखा है कि पानी अंदर न घुसे। रिपोर्ट में बताया गया है कि वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी यह भापने में विफल साबित हुए कि पानी भूतल से होते हुए बेसमेंट तक पहुंच गया है।

नीचले स्तर पर है कोचिंग के सामने का इलाका

रिपोर्ट में राव आईएएस स्टडी सर्किल के सामने से जाने वाले दरियारी नाले में कोई रुकावट नहीं पाई है पानी का बहाव बिना रुकावट के बह रहा है। कोचिंग के सामने का इलाका नीचले स्तर पर है। ऐसे में वहां पर 200 फिट इलाके में पानी जमा हो गया था।

दो अभियंताओं पर कार्रवाई

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस मामले में एमसीडी ने अपनी रिपोर्ट में दो अभियंताओं पर कार्रवाई कर दी है। इसमें एक अधिशासी अभियंता को कारण बताओ नोटिस दिया गया है जबकि एक अनुबंध पर कार्य कर रहे जेई को बर्खास्त तो वहीं सहायक अभियंता को निलंबित किया हुआ है। जिला मजिस्ट्रेट ने मंडलायुक्त को घटना का विरवण तो दे दिया है।

कटवा दी थी इलाके की बिजली

साथ ही बताया कि एहतियान अग्निशमन और एनडीआएफ की टीम को भेजा गया था और एहतियातन इलाके की बिजली भी कटवा दी गई थी। हालांकि विस्तृत जांच करने लिए जिलाधिकारी ने मंडलायुक्त से अभी समय मांगा है। इस पर उन्हें सात दिन का समय दिया गया है।

एमसीडी की रिपोर्ट में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि इमारत नोटिफाइड व्यावसायिक रोड पर बनी है। जिसे कन्वर्जन देकर व्यावसायिक उपयोग के लिए बनाया गया था। कोचिंग सेंटर के सामने से बड़ा बाजार रोड पर एक 20 फिट गहरी पुराना नाला है जिसे दरियारी नाले के नाम से जाना जाता है। जो कि छह किलोमीटर लंबा है और आगे जाकर यह नजफगढ़ नाले में मिलता है। इमारत के बेक लेन में दिल्ली जल बोर्ड की सीवर लाइन थी जिसका बहाव नार्मल मिला था।