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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi: दिल्ली HC ने विशेष अदालतों में NIA के लंबित मामलों पर MHA से मांगा जवाब, मंजेर इमाम की याचिका पर नोटिस

By Vineet TripathiEdited By: Shyamji Tiwari
Updated: Thu, 09 Feb 2023 08:29 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने विशेष अदालतों में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के पेंडिंग पड़े मामलों को लेकर गृह मंत्रालय से जवाब मांगा है। कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया है। यह आदेश इंडियन मुजाहिद्दीन के सदस्य मंजेर इमाम की याचिका पर दिया।

दिल्ली HC ने विशेष अदालतों में NIA के लंबित मामलों पर गृह मंत्रालय से मांगा जवाब
दिल्ली HC ने विशेष अदालतों में NIA के लंबित मामलों पर गृह मंत्रालय से मांगा जवाब

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पटियाला हाउस स्थित एनआईए की दो नामित विशेष अदालतों में लंबित मामलों से जुड़ी एक कैदी की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने मंत्रालय को नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।

28 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई

मामले में अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। वर्तमान में पटियाला हाउस में जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के समक्ष एनआईए मामलों की सुनवाई हो रही है। अदालत ने यह आदेश आरोपित मंजेर इमाम की याचिका पर दिया। नौ वर्षों से गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत हिरासत में बंद इमाम ने कहा कि लंबित मामलों के कारण अब तक उसके मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं।

पहले NIA से मांगा था जवाब

बता दें कि इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडियन मुजाहिद्दीन के एक कथित सदस्य मंजर इमाम की जमानत याचिका पर NIA से जवाब मांगा था। ट्रायल में देरी के साथ याचिका में मामले की योग्यता के आधार पर जमानत भी मांगी गई है।

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31 जुलाई 2022 तक 44 NIA के मामले लंबित

इमाम ने तर्क दिया कि हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार द्वारा दायर एक स्थिति रिपोर्ट के अनुसार 31 जुलाई 2022 तक कुल 44 एनआईए मामले दो नामित विशेष अदालतों के समक्ष लंबित थे। इमाम ने कहा कि उसके मामले में 360 से अधिक गवाह हैं। उन्होंने कहा कि विशेष न्यायाधीश के समक्ष लंबित उनके मामले के फैसले में और देरी हो सकती है।

वहीं, एनआईए ने कहा कि विशेष न्यायाधीश एक या दो दिनों को छोड़कर लगभग नियमित रूप से इमाम के मामले की सुनवाई कर रहे हैं। जांच एजेंसी अगले सप्ताह आरोपों पर अपनी दलीलें समाप्त कर लेगी। इमाम को यूएपीए और आईपीसी के विभिन्न प्रविधानों के तहत वर्ष 2013 में गिरफ्तार किया गया था।

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