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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'सावरकर नहीं, डॉ. मनमोहन सिंह के नाम पर हो कॉलेज का नामकरण', NSUI ने PM मोदी के सामने रखी मांग

    By Agency Edited By: Sonu Suman
    Updated: Thu, 02 Jan 2025 07:48 PM (IST)

    एनएसयूआई ने पीएम को लिखा माननीय प्रधानमंत्री आप दिल्ली विश्वविद्यालय के तहत वीर सावरकर के नाम पर एक कॉलेज का उद्घाटन करने के लिए तैयार हैं। हमारी मांग ...और पढ़ें

    एनएसयूआई ने वीर सावरकर के बजाय मनमोहन सिंह के नाम पर कॉलेज का नामकरण करने का अनुरोध किया।
    एनएसयूआई ने वीर सावरकर के बजाय मनमोहन सिंह के नाम पर कॉलेज का नामकरण करने का अनुरोध किया।

    पीटीआई, नई दिल्ली। कांग्रेस की छात्र नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली विश्वविद्यालय के नए कॉलेज का नाम वीर सावरकर के बजाय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नाम पर रखने का आग्रह किया है। पीएम मोदी शुक्रवार को नजफगढ़ में वीर सावरकर कॉलेज की आधारशिला रखेंगे।

    संस्थान को 2021 में दिल्ली विश्वविद्यालय की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कार्यकारी परिषद द्वारा अनुमोदित किया गया था। प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने शिक्षा और शासन में मनमोहन सिंह के योगदान पर प्रकाश डाला और अनुरोध किया कि कॉलेज उनकी विरासत का सम्मान करें।

    मनमोहन सिंह का पिछले महीने हुआ था निधन

    मनमोहन सिंह का पिछले महीने 92 वर्ष की आयु में दिल्ली के एम्स में निधन हो गया था। वह यूपीए सरकार के एक अनुभवी नेता और भारतीय राजनीति में एक परिवर्तनकारी व्यक्ति थे। उन्होंने 2004 से लेकर 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। 

    मनमोहन सिंह की जीवन यात्रा को सिलेबस में करें शामिल

    पत्र में लिखा, "माननीय प्रधानमंत्री, आप दिल्ली विश्वविद्यालय के तहत वीर सावरकर के नाम पर एक कॉलेज का उद्घाटन करने के लिए तैयार हैं। एनएसयूआई दृढ़ता से मांग करती है कि इस संस्थान का नाम पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के नाम पर रखा जाए। उनके हाल ही में निधन ने एक गहरा शून्य छोड़ दिया है और सबसे अधिक उनकी विरासत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि उनके नाम पर प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों को समर्पित करना होगा।" एनएसयूआई ने विभाजन के बाद के छात्र से लेकर वैश्विक आइकन बनने तक की मनमोहन सिंह की जीवन यात्रा को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने का भी आह्वान किया।

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    मनमोहन सिंह ने केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम पेश किया: NSUI

    उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक विद्वान, अर्थशास्त्री और लोक सेवक के रूप में मनमोहन सिंह की विरासत लचीलेपन, योग्यता और लोक कल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक है। एनएसयूआई ने कहा, "मनमोहन सिंह ने आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे कई संस्थानों की स्थापना की और केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम पेश किया। उनके नाम पर संस्थानों का नामकरण पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और उनकी परिवर्तनकारी दृष्टि का सम्मान करेगा। सरकार को भारत में उनके अद्वितीय योगदान को पहचानने के लिए तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।"

    NSUI ने धर्मेंद्र प्रधान को भी लिखी चिट्ठी

    एनएसयूआई ने मनमोहन सिंह के नाम पर एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना और शैक्षणिक पाठ्यक्रम में उनकी उपलब्धियों को शामिल करने का भी अनुरोध किया। पत्र को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी भेजा गया है, जिसमें तत्काल कार्रवाई का आग्रह किया गया है।

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