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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cold Wave in Delhi: शीतलहर और प्रदूषण से सेहत पर दोहरी मार, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बढ़ा खतरा

    Updated: Tue, 17 Dec 2024 12:01 AM (IST)

    Delhi Pollution दिल्ली में शीत लहर और प्रदूषण की वजह से लोगों की सेहत पर दोहरी मार पड़ रही है। सांस की परेशानियों के साथ ही हार्ट अटैक और स्ट्रोक का ख ...और पढ़ें

    शीतलहर और प्रदूषण में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बढ़ा खतरा।
    शीतलहर और प्रदूषण में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का बढ़ा खतरा।

    HighLights

    1. शीत लहर के बीच प्रदूषण बढ़ने से सेहत पर दोहरी पड़ सकती है मार।
    2. सांस की परेशानियां बढ़ने के साथ हार्ट अटैक व स्ट्रोक का भी बढ़ा खतरा।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। Cold Wave: शीत लहर जैसी स्थिति के बीच प्रदूषण बढ़ने से सेहत पर दोहरी मार पड़ सकती है। क्योंकि सांस की परेशानियां बढ़ने के साथ-साथ हार्ट अटैक, स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है। खास तौर पर ब्लड प्रेशर व हृदय रोग के पुराने मरीजों को हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है।

    इसलिए डाक्टर कहते हैं कि लोक सतर्क रहे और खानपान में ठंडी चीजों का इस्तेमाल न करें। साथ ही सुबह अधिक ठंड और प्रदूषण के बीच सैर के लिए न जाएं।

    ठंड में ब्लड प्रेशन बढ़ने की संभावना

    एम्स (AIIMS Delhi) के कम्युनिटी मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ. संजय राय ने कहा कि ठंड ज्यादा होने पर धमनियों में संकुचन होने की संभावना रहती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। ऐसी स्थिति में हार्ट अटैक या स्ट्रोक हो सकता है।

    यह देखा गया है कि सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक व स्ट्रोक अधिक होते हैं। जिन लोगों को पहले से हृदय की बीमारी है और यदि हृदय ठीक से काम नहीं कर रहा तो ठंड और प्रदूषण के कारण सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इससे हृदय रोग के पुराने मरीजों को हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।

    प्रदूषण तत्व पहुंचते हैं फेफड़ों तक

    संत परमानंद अस्पताल के कंसल्टेंट व दिल्ली हार्ट सेंटर के विशेषज्ञ डॉ. जोगेंद्र सिंह ने बताया कि सर्दी के मौसम में पार्टिकुलेट मैटर कम ऊंचाई पर मौजूद रहते हैं। इसलिए वातावरण में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर सांस की नली से होकर फेफड़े में पहुंच जाते हैं। इससे गले में खराश होता हे। बाद में फेफड़े की परेशानी बढ़ जाती है।

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    सिर में दर्द, धमनियों में सूजन का खतरा

    इस वजह से ब्रोंकाइटिस व अस्थमा के मामले बढ़ जाते हैं। इसके अलावा पीएम-2.5 से छोटे कण, नाइट्रस ऑक्साइड, सल्फर ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे हानिकारक गैसें फेफड़े के जरिये रक्तवाहिकाओं पहुंच जाती हैं। इस वजह से सिर में दर्द, धमनियों में सूजन करती हैं। इस वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ने व हार्ट अटैक की आंशका रहती है। इसलिए सर्दी में खुद को बचाकर रखें।

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    दिल्ली में 20 जगहों पर एयर इंडेक्स 400 पार

    राजधानी में आठ दिन बाद एक बार फिर सोमवार को हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रही और देर शाम एयर इंडेक्स 400 के करीब पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार शाम सात बजे दिल्ली के 37 प्रदूषण निगरानी केंद्रों में से 20 जगहों पर एयर इंडेक्स 400 के पार पहुंच गया। इस वजह से उन इलाकों में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में पहुंच गई।