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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 16, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi International Trade Fair : अंतरराष्ट्रीय मेले में पहुंचे CM योगी, बोले UP बना है निर्यात का हब

By Jagran NewsEdited By: Pradeep Kumar Chauhan
Updated: Wed, 16 Nov 2022 09:56 PM (IST)

Delhi International Trade Fair अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला आज राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में शुरू हुआ है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2022 में वोकल फॉर लोकल एंड लोकल टू ग्लोबल थीम पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

Delhi International Trade Fair : परंपरागत उत्पाद को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए हैं।
Delhi International Trade Fair : परंपरागत उत्पाद को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए हैं।

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। Delhi International Trade Fair : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता देश की राजधानी दिल्ली में भी कम नहीं है। इसका नजारा बुधवार को प्रगति मैदान में चल रहे 41वें अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में बखूबी देखने को मिला। दोपहर साढ़े तीन बजे के लगभग जब योगी यहां हाल नं. दो में स्थित उत्तर प्रदेश मंडप का अवलोकन करने पहुंचे तो उनसे मिलने को लोग खासे आतुर नजर आए। जब वे मंडप आए और जब वापस गए तो योगी-योगी के नारे भी खूब लगे।योगी मंडप में पहुंचे तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सभी द्वारों पर प्रवेश बंद कर दिया गया।

ऐसे मेें द्वारों पर ही उन्हें देखने के लिए मेला दर्शकों की खासी भीड़ जमा हो गई। मंडप में योगी लगभग एक घंटे तक रहे। इस दौरान वे 75 जनपदों सहित विभिन्न विभागों की सभी 101 स्टालों पर गए। एक स्टाल पर पीतल की घंटियां प्रदर्शित थीं तो सीएम एक घंटी उठाकर बड़े ही मनोयोग से बजाने लगे। एक अन्य स्टाल पर धातु से बनी भगवान श्रीकृष्ण, हनुमान सहित कई अन्य देवी देवताओं की मूर्तियां देखीं तो वहां वे हाथ जोड़कर खड़े हो गए।सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों से घिरे होने के बावजूद योगी ने कोई स्टाल छूटने नहीं गया। लखनवी चिकन की एक स्टाल छूटने को थी, लेकिन योगी की निगाह पड़ी तो वे वहां भी गए और कढ़ाई कर रही दोनों युवतियों से मिले। सीएम ने कारीगरों, हस्तशिल्पियों से बात कर उनकी हौसलाअफजाई भी की। दर्शक, हस्तशिल्पी, कारीगर, आगंतुक सभी उन्हें देख उत्साहित नजर आए।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 5 वर्षों में परंपरागत उत्पाद को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के लिए कई प्रयास किए हैं। प्रदेश निर्यात का हब बना है। 2017-18 में प्रदेश का जो कुल निर्यात था वो 86,000 करोड़ रु. का था। आज ये बढ़कर 1,56,000 करोड़ रु. से अधिक का हो चुका है। 

मैनपुरी की तारकशी, आगरा की मार्बल कला व वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी के बारे में भी जाना

मुख्यमंत्री ने मैनपुरी की तारकशी कला, आगरा की मार्बल कला और वाराणसी का गुलाबी मीनाकारी से जुड़ी जानकारी प्राप्त की। सीएम ने बनारसी साड़ियों, आंवला समेत अनेक उत्पादों से जुड़े स्टालों का भी अवलोकन किया। 

फोटो खिंचवाने का क्रेज

योगी जब स्टाल का निरीक्षण कर रहे थे तो आसपास के लोग और दुकानदारों में उनके साथ फोटो खिंचवाने का भी क्रेज रहा। युवाओं व महिलाओं ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाई। स्टालों पर सीएम को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।

उत्तर प्रदेश मंडप की हर स्टाल कहती है सफलता की कहानी

व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश का मंडप भी दर्शकों को खूब लुभा रहा है। विभिन्न राज्य मंडपों में यह मंडप न सिर्फ सबसे बड़ा है बल्कि राज्य की सांस्कृतिक, धार्मिक व आर्थिक प्रगति की झलक भी पेश करता है।नवनिर्मित हाल नं. दो से पांच में जहां ज्यादातर राज्यों के मंडप 200 से 600 वर्ग मीटर जगह में लगे हैं वहीं उत्तर प्रदेश मंडप दो हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में सजाया गया है। यूं तो मेले की थीम ''वोकल फार लोकल, लोकल टू ग्लोबल'' है लेकिन मंडप राममंदिर की थीम पर सुसज्जित है।

खास बात यह कि मंडप में लगी हर स्टाल सफलता की नई कहानी बयां करती है। महोबा के धातु सिल्क, कन्नौज के इत्र, मुरादाबाद के मेटल क्राफ्ट, सीतापुर की वूलन दरी, मिर्जापुर के सिल्क कारपेट और फिरोजाबाद के ग्लास वर्क की दमक भी देखते ही बनती है। लखनवी चिकन और जरी जरदोजी भी है यहां। उत्तर प्रदेश के मंडप में राज्य की प्रगति भी हर कदम पर परिलक्षित होेती है। औद्योगिक और ढांचागत विकास से जुड़ी परियोजनाओं को भी शोकेस किया गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, बनारस कारिडोर और अयोध्या कारिडोर सहित तमाम इंफ्रा प्रोजेक्टों की झांकी भी मिलती है। इसके अलावा राज्य के लोक संगीत एवं सांस्कृतिक विविधता भी दृष्टिगत होती है।