विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JNU Elections: जेएनयू में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों ने खोला मोर्चा, पढ़ाई का किया बहिष्कार

By Jagran NewsEdited By: Jeet Kumar
Updated: Thu, 12 Oct 2023 06:45 AM (IST)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव न कराए जाने से नाराज छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में छा ...और पढ़ें

जेएनयू में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर कक्षाओं का बहिष्कार
जेएनयू में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर कक्षाओं का बहिष्कार

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव न कराए जाने से नाराज छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को विभिन्न छात्र संगठनों के नेतृत्व में छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। जेएनयू प्रशासन से जल्द से जल्द चुनाव कराने की मांग की।

जेएनयूएसयू ने एक बयान में कहा, छात्र संघ चुनाव आखिरी बार 2019 में हुए थे। तब से विभिन्न बहानों के तहत छात्र संघ के लिए कोई चुनाव नहीं हुआ है। पहले कोविड महामारी के कारण और फिर बीए, एमए और पीएचडी के लिए अलग-अलग शैक्षणिक कैलेंडर के बहाने चुनाव नहीं होने दिए गए।

छात्रों का मिल रहा समर्थन

अब पीएचडी प्रवेश परीक्षा का बहाना बनाया जा रहा है। जिसमें काफी वक्त लग जाएगा और इस तरह चुनाव ही नहीं हो सकेंगे। छात्रों को भागीदार बनाकर विश्वविद्यालय से मांग की जा रही है कि वे छात्रों के हितों में निर्णय लें। इसमें जेएनयूएसयू को छात्रों को समर्थन भी मिला।

उन्होंने कहा, चुनाव के साथ महिलाओं और पिछड़े जिलों के छात्रों के लिए अभाव प्वाइंट्स, 300 रुपये से कम की सेमेस्टर फीस, महिलाओं के लिए एक सुरक्षित परिसर जैसे मामले सुलझने चाहिए। बहस और चर्चा की एक जीवंत संस्कृति द्वारा चिह्नित जेएनयू के अद्वितीय चरित्र को परिसर के छात्र आंदोलन द्वारा सुनिश्चित किया गया है।

यह भी पढ़ें- 11 अक्टूबर से प्रदर्शन करेंगे JNU के छात्र, छात्रसंघ चुनाव की कर रहे मांग

चुनाव की घोषणा जल्द नहीं हुई तो आंदोलन होगा

यही वजह है कि जेएनयूएसयू पर लगातार जेएनयू प्रशासन का हमला हो रहा है। वे नहीं चाहते कि जेएनयूएसयू मजबूत हो। पिछले वर्षों में जेएनयू प्रशासन ने कई प्रगतिशील कदमों को वापस लिया है। इनको बहाल किया जाना चाहिए। अगर जेएनयूएसयू के लिए चुनाव की घोषणा जल्द नहीं की जाती तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।