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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली पुलिस का खुलासा : पूनम ने बेटे संग मिलकर 3-4 दिन में शव के टुकड़ों को फेंका, सिर को दबाया था जमीन में

By Jagran NewsEdited By: JP Yadav
Published: Mon, 28 Nov 2022 01:48 PM (IST)

Anjan Das Murder Case पूनम ने पति अंजन दास की हत्या की साजिश अप्रैल में ही रच ली थी। इसके ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी रविंदर यादव की फाइल फोटो।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी रविंदर यादव की फाइल फोटो।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। पूर्वी दिल्ली स्थित त्रिलोकपुरी इलाके में अंजन दास हत्याकांड में पुलिस ने पत्रकार वार्ता के दौरान कई अहम जानकारियां दी हैं। पूनम ने बेटे दीपक के साथ मिलकर मई के अंतिम सप्ताह में पति अंजन दास की बेरहमी से हत्या की। इसकी साजिश रची और दीपक को साथ लिया। हत्या से पहले अंजन दास को नशीली दवाई दी गई और फिर बेहोश होते ही चाकू से दीपक ने उसका गला रेत दिया।

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के स्पेशल सीपी रविंदर यादव (Ravinder Yadav, Special CP Crime) के मुताबिक, हत्या को पूरी साजिश के तहत अंजाम दिया गया और इसके बाद इसे छिपाने के लिए पूरे हथकंडे अपनाए गए।

हत्या के बाद शव के किए 10 टुकड़े

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, आरोपित पूनम और बेटे दीपक ने अंजन दास की त्रिलोकपुरी स्थित आवास पर हत्या करने के बाद उसके शव को 10 टुकड़ों में काटा और रामलीला मैदान के अलावा आसपास के नालों में फेंक दिया। दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के मुताबिक, पूनम और दीपक ने शव के 10 टुकड़े करने के बाद एक सप्ताह के ठिकाने लगा दिया। इस कड़ी में सिर को जमीन में गाड़ दिया। 

30 मई को मिले थे मानव अंग

दिल्ली पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले थे जिसके आधार पर जांच करते हुए छह माह बाद दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किया। अब अंजन दास का पुलिस डीएनए प्रोफाइलिंग कराएगी। जान गंवाने वाला अंजन दास त्रिलोकपुरी 4 ब्लाक में किराये के मकान में रहता था।

अप्रैल में रची थी हत्या की साजिश

पूछताछ में यह भी पता चला है कि पूनम ने दीपक साथ मिलकर अप्रैल में ही पति अंजन दास की हत्या की साजिश रच ली थी। इसके बाद मौका देखकर मई के अंतिम सप्ताह में हत्या को अंजाम दे दिया। इस कड़ी में नशीली दवा पिलाने के बाद हत्या की और फिर  तीन चार दिन में शव के टुकड़ों को अलग-अलग इलाकों में फेंका। इसके बाद सिर को जमीन में दबा दिया था।