यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 'खेला' करने में जुटी AAP, इन नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की तैयारी
दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी (आप) ने अपनी कमजोर कड़ियों को मजबूत करने में जुट गई है। आप ने दक्षिणी दिल्ली से तीन बार विध ...और पढ़ें

HighLights
- सीलमपुर, छतरपुर के बाद अब करावल नगर, विश्वास नगर, राेहतास नगर, लक्ष्मीनगर, घोंडा, बदरपुर व पटेल नगर पर नजर
- भाजपा नेता ब्रह्म सिंह तंवर को अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को पार्टी में शामिल कराया
वी के शुक्ला, नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) भले ही दिल्ली में 10 साल से पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में है, ऐसे माहौल में भी आप का कुछ सीटों को लेकर डर कहें या अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है। आप फरवरी में होने जा रहे दिल्ली विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर कमजाेर कड़ियों को मजबूत करने में लगी हुई है।
सीलमपुर से मजबूत कांग्रेस नेता को कुछ दिन पहले पार्टी में शामिल कराए जाने के बाद दक्षिणी दिल्ली सीट से तीन बार विधायक रहे भाजपा नेता ब्रह्म सिंह तंवर को पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को पार्टी में शामिल कराया है। तंवर के साथ उनके कई समर्थक भी आप में आए हैं।
इन सीटों पर आप की नजर
इसके बाद आप की करावल नगर, घोंडा, राेहतास नगर, लक्ष्मीनगर, बदरपुर व पटेल नगर सीट पर भी नजर है।सूत्रों की मानें तो भाजपा और कांग्रेस के कुछ और कद्दावर नेता आने वाले दिनों में आप में शामिल हो सकते हैं।दिल्ली की स्थिति पर गौर करें तो पटेल नगर सीट आप से विधायक और दिल्ली सरकार में मंत्री रहे राजकुमार आनंद के अप्रैल में आप छोड़ देने के बाद से रिक्त है। आप 2015 में जीतने के बाद 2020 के चुनाव में करावल नगर, घोंडा, राेहतास नगर, लक्ष्मीनगर, बदरपुर से चुनाव हार गई थी।
पार्टी कई इलाकों का करा रही सर्वे
रोहिणी और विश्वास नगर सीट 2015 में भी आप नहीं जीत पाई थी। इस बार लक्ष्मीनगर सीट से प्रत्याशी बदला जा रहा है। इस सीट पर बाहरी प्रत्याशी के उतारे जाने की भी चर्चा है। वहीं रोहतास नगर, करावल नगर, बदरपुर, पटेल नगर, घोंडा के लिए सर्वे कराया जा रहा है। आप की रणनीति है कि इस बार यहां से जिताऊ प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में उतरेंगे।
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भाजपा ने करतार सिंह तंवर को कराया था शामिल
छतरपुर विधानसभा सीट की बात करें तो इस सीट से चार माह पहले भाजपा ने उस समय के तत्कालीन विधायक करतार सिंह तंवर को तोड़ लिया था। तंवर ने आप से इस्तीफा देकर भाजपा ज्वाइन कर ली थी। इस सीट पर आप को मजबूत प्रत्याशी की कमी खल रही थी। ब्रह्म सिंह तंवर की इस सीट से मजबूत दावेदारी मानी जा रही है। ब्रह्म सिंह तंवर छतरपुर और महरौली निर्वाचन क्षेत्रों से तीन बार विधायक रह चुके हैं। वे एक बार पार्षद भी रह चुके हैं।
छतरपुर सीट पर मुकाबला कांटे का होने की उम्मीद
उन्हें दिल्ली भाजपा का कद्दावर नेता माना जाता था। वे पार्टी की स्थापना के समय से जुड़े थे और आपातकाल के दौरान जेल जा चुके हैं। उन्होंने 1977 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पहला चुनाव लड़ा और पार्षद चुने गए।माना जा रहा है कि भाजपा भी इस सीट से करतार सिंह को ही टिकट दे सकती है। ऐसे माहाैल में भाजपा और आप से दोनों तंवर होने पर आगामी विधानसभा चुनाव में छतरपुर सीट पर मुकाबला कांटे का होने की उम्मीद रहेगी।