‘व्यापार बढ़ेगा तभी विकसित भारत का लक्ष्य होगा पूरा’, केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कारोबारियों को दिया भरोसा
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए व्यापार और कारोबार को बढ़ावा देना आवश्यक है। ...और पढ़ें

जीएसटी, ई-कॉमर्स चुनौतियों पर सरकार समाधान करेगी: मेघवाल।
HighLights
विकसित भारत के लिए व्यापार-कारोबार को बढ़ावा देना जरूरी।
जीएसटी, ई-कॉमर्स चुनौतियों पर सरकार समाधान करेगी: मेघवाल।
व्यापारियों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रस्ताव केंद्र को भेजा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। केंद्रीय कानून व न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि व्यापार और कारोबार को बढ़ावा देकर ही विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। देश की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ाने के लिए व्यापार व वाणिज्य को और गति देना आवश्यक है।
वह भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (बीयूवीएम) के 45वें स्थापना दिवस के मौके पर कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित राष्ट्रीय व्यापारी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि जीएसटी, ई-कामर्स चुनौतियों सहित कारोबार से जुड़े विषयों पर सरकार उनकी चिंताओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
सम्मेलन में देशभर से करीब एक हजार व्यापारी प्रतिनिधियों ने सहभागिता कर व्यापारी एकता, संगठनात्मक शक्ति व राष्ट्रीय समन्वय का परिचय दिया।
उप्र से राज्यसभा सदस्य साधना सिंह ने कहा कि मोदी सरकार में व्यापार और उद्योग को बेहतर माहौल देने के लिए कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए हैं। जिससे पूरा स्वरूप बदला है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने सुझाव देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादन, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देने से जिलों में रोजगार व आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी तथा गांवों के पारंपरिक हुनर को वैश्विक बाजार से जोड़ा जा सकेगा।
राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री मुकुंद मिश्रा ने स्थानीय उत्पाद, स्थानीय व्यापार व स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने तथा लोकल फार ग्लोबल की दिशा में जोर देेने का आग्रह किया।
दुर्ग से लोकसभा सदस्य विजय बघेल व पूर्व सांसद तथा उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष भैरव प्रसाद मिश्रा सहित व्यापारी नेता हेमंत गुप्ता, प्रेम अरोड़ा व राकेश यादव ने व्यापारियों संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
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सम्मेलन में ई-कामर्स के लिए स्पष्ट व प्रभावी नियामकीय व्यवस्था, छोटे व पारंपरिक व्यापारियों के संरक्षण, ई-कामर्स व माल संस्कृति से उत्पन्न असमान प्रतिस्पर्धा को दूर करने, एमएसएमई को मजबूत करने, जिले का निवेश जिले में हो की अवधारणा को बढ़ावा देने तथा प्रत्येक जिले में व्यापारी सहायता समूह गठित करने सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
इसके साथ ही एक देश-एक मंडी टैक्स, मंडी सेस को 0.50 प्रतिशत तक सीमित करने, जीएसटी व पुराने वैट मामलों के समाधान के लिए एमनेस्टी योजना, किराये की दुकानों व मकानों पर जीएसटी में राहत, जीएसटी विलंब ब्याज में कमी तथा एफएसएसएआई के नियमों को सरल बनाने जैसी व्यापारियों से जुड़ी प्रमुख मांगों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इन विषयों पर विस्तृत प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।