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पूर्वी दिल्ली के दयालपुर में सील पांच मंजिला मकान पर निगम को फिर से करनी पड़ी कार्रवाई, की गई तोड़फोड़

Published: Thu, 10 Sep 2026 11:54 PM (IST)

दयालपुर में एक सील किए गए पांच मंजिला मकान की सील तोड़कर 20 फ्लैट अवैध रूप से बेच दिए गए ...और पढ़ें

दयालपुर में सील तोड़कर बेचे गए 20 फ्लैट्स पर निगम की कार्रवाई।

दयालपुर में सील तोड़कर बेचे गए 20 फ्लैट्स पर निगम की कार्रवाई।

HighLights

  1. दयालपुर में सील पांच मंजिला मकान की सील तोड़ी गई।

  2. सील तोड़कर 20 फ्लैट अवैध रूप से बेचे गए थे।

  3. निगम ने खबर के बाद मकान में तोड़फोड़ की कार्रवाई की।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दयालपुर गली नंबर एक में पांच मंजिला मकान की सील तोड़कर 20 फ्लैट्स बेच दिए गए। एक फ्लैट करीब 22 से 30 लाख रुपये में खरीदकर 20 परिवार इसमें रहने लगे। दैनिक जागरण में नौ सितंबर के अंक में निगम व बिल्डर की सांठगांठ काे उजागर करते हुए खबर प्रकाशित हुई।

निगम अधिकारियों ने अपनी जान बचाते हुए बृहस्पतिवार को इस पांच मंजिला मकान में तोड़फोड़ की कार्रवाई की। हालांकि मौके पर मौजूद निगम के अधिकारी यह नहीं बता सके कि इस पंक्चर मकान की सील टूटी कैसे और फिर से इस मकान को ठीक करके इसमें बने फ्लैट्स बेच कैसे दिए। क्या बिल्डर व अधिकारी फ्लैट खरीदने वाले लोगों की रकम वापस करेंगे। जिन लोगों का नुकसान हुआ है वह कह रहे है उनका क्या गुनाह है।

पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मकान में कार्रवाई शुरू की

खबर प्रकाशित होने के बाद निगम की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और मकान में कार्रवाई शुरू की। निगम कर्मचारियों ने मकान के हिस्सों में तोड़फोड़ की। कार्रवाई के दौरान मकान में रहने वाले फ्लैट मालिकों में भी बेचैनी दिखाई दी। उनका कहना था कि उन्होंने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर फ्लैट खरीदे हैं। अब निगम की कार्रवाई के बाद उनके सामने रहने की समस्या खड़ी हो गई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि मकान को पहले निगम ने सील किया था। इसके बावजूद सील कैसे तोड़ी गई और निर्माण दोबारा कैसे पूरा हुआ, इसकी जांच होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि बिना अधिकारियों की जानकारी के सील मकान में निर्माण कर 20 फ्लैट तैयार करना आसान नहीं है।

बिल्डर के साथ निगम अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी

ऐसे में बिल्डर के साथ निगम अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जरूरी है। फ्लैट खरीदने वालों का कहना है कि यदि मकान अवैध था तो निर्माण के दौरान ही कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने अपनी जमा पूंजी देकर फ्लैट खरीदे और अब निगम की कार्रवाई का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।

लोगों ने सवाल उठाया कि आखिर इस पूरे मामले में उनकी क्या गलती है और उनके पैसे की भरपाई कौन करेगा। बता दें पिछले साल निगम ने इस पांच मंजिला मकान को सील किया था। इसके लेंटर व दीवारें तोड़ी थी और उसमें सील लगा दी थी।

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