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    LG वी के सक्सेना ने राजस्व विभाग में 272 अतिरिक्त पदों के सृजन को दी मंजूरी, प्रशासन होगा मजबूत

    Updated: Tue, 24 Feb 2026 10:36 PM (IST)

    उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने दिल्ली के राजस्व विभाग में 272 अतिरिक्त पदों के सृजन को मंजूरी दी है। यह निर्णय नए जिलों और उप-मंडलों के गठन के मद्देनजर ...और पढ़ें

    वी के सक्सेना ने राजस्व विभाग में अतिरिक्त 272 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी।

    वी के सक्सेना ने राजस्व विभाग में अतिरिक्त 272 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी।

    HighLights

    1. उपराज्यपाल ने 272 अतिरिक्त पदों के सृजन को दी मंजूरी।

    2. राजस्व विभाग में नए जिलों, उप-मंडलों के लिए पद सृजित।

    3. प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, नागरिकों को बेहतर सेवा मिलेगी।

    राज्य ब्यूराे, नई दिल्ली। उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने दिल्ली में नए जिले और सब डिवीजन बनाने के मद्देनजर राजस्व विभाग में अतिरिक्त 272 पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है। नए स्वीकृत पदों में दो जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), दो अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम), आठ उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम), छह सब-रजिस्ट्रार के पद सृजित किए हैं। इनमें 16 तहसीलदार, 22 नायब तहसीलदार, 42-42 सीनियर असिसटेंट और जूनियर असिसटेंट, 52 एमटीएस तथा लेखा, योजना, डीएसएस और स्टेनो कैडर के भी कई पद शामिल हैं।

    दो नए जिलों के गठन से पहले राजस्व विभाग के 11 जिलों में 1553 स्वीकृत पद थे। 272 नए पदों के सृजन के बाद 13 जिलों में कुल स्वीकृत पदों की संख्या बढ़कर 1825 हो गई है। दिल्ली सरकार ने गत 11 दिसंबर के कैबिनेट निर्णय के माध्यम से, दिल्ली सरकार में राजस्व जिलों को पुनर्गठित करते हुए, इनकी संख्या 11 से बढ़ाकर 13 जिलों तक करने की स्वीकृति दी थी।

    इसके साथ ही सब-डिवीजनों की संख्या 33 से बढ़ाकर 39 की गई तथा 39 सब-रजिस्ट्रार ऑफिसों की स्थापना का निर्णय लिया गया था, जिससे सभी राजस्व जिले एमसीडी जोन/एनडीएमसी/कैंटोनमेंट बोर्ड के साथ मिलकर चल सकें। इस पुनर्गठन से राजस्व विभाग की वैधानिक जिम्मेदारियों में वृद्धि हुई है।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उपराज्यपाल सक्सेना द्वारा राजस्व विभाग में इन अतिरिक्त पदों को मंजूरी दिए जाने से फील्ड स्तर के प्रशासन को मजबूती मिलेगी, कर्मचारियों की कमी दूर होगी तथा नागरिकों को सेवाएं अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकेंगी। कहा कि इस कदम का उद्देश्य, राजस्व विभाग का जनता से सीधा संपर्क होने के कारण इन उपायों से दक्षता में वृद्धि और प्रशासनिक बाधाओं में कमी लाना है।

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