केजरीवाल vs जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा: जज को हटाने की मांग दोहराई, तुषार मेहता बोले, 'आम आदमी को ऐसा मौका नहीं मिलता'
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को सुनवाई से हटाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जज के बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अधीन काम करते हैं, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
HighLights
केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को हटाने की मांग की।
जज के बच्चों पर सॉलिसिटर जनरल से जुड़ाव का आरोप।
दिल्ली हाई कोर्ट आज दोपहर इस अर्जी पर फैसला सुनाएगा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में फिर पेश होकर दलीलें दीं। केजरीवाल ने सीबीआई के जवाब पर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल किया है।
इसके पहले अदालत ने केजरीवाल की ओर से दाखिल नये हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेने का आदेश दिया था। जज को सुनवाई से अलग करने कि मांग वाली अर्जी पर दिल्ली हाई कोर्ट दोपहर 4:30 बजे निर्णय सुनाएगी।
'आम आदमी को मौका नहीं मिलता'
केजरीवाल ने एक फिर कोर्ट से अपने प्रत्युत्तर को रिकॉर्ड पर लेने का अनुरोध किया। कोर्ट ने कहा कि मामले में दाखिल ताजा शपथपत्र को देखते हुए कोर्ट अब अपना निर्णय 4 बजकर 30 मिनट पर सुनाएगी। वहीं, सीबीआई कि तरफ से पेश हुए सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि किसी आम आदमी को ऐसा अतिरिक्त मौका नहीं मिलता।
जज के दोनों बेटों पर भी उठाए सवाल
दरअसल, केजरीवाल ने हाईकोर्ट में नया हलफनामा दाखिल कर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के खिलाफ नये आरोप लगाते हुए उन्हें सुनवाई से हटने की मांग की है। केजरीवाल ने हलफनामा में कहा था कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के दोनों बच्चे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अधीन काम करते हैं।
तुषार मेहता उनके बच्चों को केस देते हैं। ऐसे में वह न्याय नहीं कर पाएंगी। उससे पहले केजरीवाल ने दस बिंदुओं पर आधारित एक और हलफानामा पहले भी दाखिल किया था।
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