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    जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या 25% घटी, क्या सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने का दिखा असर?

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 10:46 PM (IST)

    मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या में 25% से अधिक घट गई है। प्रधानमंत्री मोदी के हस्तक्षेप ...और पढ़ें

    कनाॅट प्लेस स्थित संसद मार्ग पर बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करते प्रदर्शनकारी। विपिन शर्मा

    कनाॅट प्लेस स्थित संसद मार्ग पर बैरिकेड पर चढ़कर नारेबाजी करते प्रदर्शनकारी। विपिन शर्मा

    HighLights

    1. सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने से प्रदर्शनकारी घटे।

    2. जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की संख्या 25% कम हुई।

    3. कन्हैया कुमार को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक के अनशन तोड़ने का असर शुक्रवार को जंतर-मंतर पर देखने को मिला। यहां प्रदर्शनकारियों की संख्या में एक चौथाई से अधिक की कमी देखी जा रही है।

    अनशन स्थल से लेकर टाॅलस्टाॅय रोड व संसद मार्ग पर भी एक दिन पहले के मुकाबले प्रदर्शनकारियों की मौजूदगी करीब 25 प्रतिशत तक घट गई है।

    इस बीच कनाॅट प्लेस के आउटर सर्कल से जुड़े संसद मार्ग पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने हिंसा की कोशिश की। वहां लगे बैरिकेड्स को उठाकर ले गए तथा सुरक्षाकर्मियों को उकसाने की कोशिश की, लेकिन माहौल को सुरक्षाकर्मियों ने संयम के साथ संभाल लिया।

    दीपके ने सबको कहा, डटे रहो

    स्थिति यह कि जंतर-मंतर मुख्य प्रदर्शन स्थल पर बृहस्पतिवार के मुकाबले लोग कम रहे। प्रवेश के लिए कतारों में लोगों की कम भीड़ रही। इसका बड़ा कारण साेनम वांगचुक के अनशन तोड़ने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मामले में हस्तक्षेप करने तथा सीजेपी से वार्ता शुरू करना है। इसी तरह, मेट्रो बंद होने और अन्य बंदिशों का भी असर माना जा रहा है। प्रदर्शनकारियों में जोश भरने के लिए कई बार सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके तथा अन्य प्रवक्ताओं को लोगों से डटे रहने की अपील करनी पड़ी।

    दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया

    अभिजीत दीपके ने यह भी कहा कि सरकार हमें आज रात हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने की कोशिश कर सकती है। उन्होंने कहा कि हम जीत के करीब हैं। शनिवार और रविवार को भारी भीड़ इकट्ठा हो सकती है। इसलिए अभी हिम्मत नहीं हारें। लोगों से यहीं कहकर रुकने की अपील करते वालंटियर्स भी दिखे। पर उसका खास असर होते नहीं दिखा। वहीं, कांग्रेस पार्टी के नेता कन्हैया कुमार भी समर्थन देने पहुंचे, जिसे दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। वहीं, कई अन्य दलों के नेताओं के पहुंचकर समर्थन देने का क्रम जारी रहा। 

    राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन के आह्वान का असर नहीं

    सीजेपी ने शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। बृहस्पतिवार को यह आह्वान करते हुए कहा गया था कि सभी छात्र संगठन एकजुट होकर जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करें। लेकिन, देशभर से आ रही रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई कुछ शहरों को छोड़कर कहीं विरोध प्रदर्शन के आह्वान का खास असर देखने को नहीं मिला।

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