NEET पेपर लीक मामले पर IMA का कड़ा रुख, शिक्षा मंत्री से पूछा- पिछले चार वर्षों से परीक्षा विवादों में क्यों
आईएमए ने नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार और एनटीए की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर ...और पढ़ें
-1778871631320_m.webp)
नीट पेपर लीक मामले में आईएमए ने शिक्षा मंत्री को लिखी चिट्ठी।
HighLights
आईएमए ने नीट पेपर लीक पर सरकार से जवाब मांगा।
मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में हो।
परीक्षा प्रणाली के विकेंद्रीकरण और ऑनलाइन व्यवस्था की मांग।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आईएमए ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक मामले पर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र भेजकर आईएमए ने मामले में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की मांग की है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. अनिलकुमार जे. नायक ने भेजे पत्र में कहा है कि पिछले चार वर्षों से नीट-यूजी परीक्षा लगातार विवादों में रही है। दो बार पेपर लीक जैसी घटनाओं के कारण परीक्षा रद करनी पड़ी, जिससे लाखों छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक तनाव और असुरक्षा का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नीट-यूजी परीक्षा में 22.5 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। इतने बड़े स्तर पर एक ही दिन ऑफलाइन प्रश्नपत्र आधारित परीक्षा कराना अब गंभीर सुरक्षा चुनौती बन चुका है।
मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में हो: आईएमए
उन्होंने मांग की कि मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक अदालत में प्रतिदिन के आधार पर हो ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके और छात्रों का भरोसा बहाल किया जा सके। साथ ही परीक्षा प्रणाली का विकेंद्रीकरण, राज्यों को अधिक जिम्मेदारी, पूरी तरह ऑनलाइन परीक्षा व्यवस्था और उन्नत तकनीकी सुरक्षा उपाय लागू करने की भी मांग की।
आईएमए ने प्रभावित छात्रों के लिए काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराने की अपील करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा की विश्वसनीयता और मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया हर हाल में सुरक्षित रहनी चाहिए।
यह भी पढ़ें- दिल्ली मेट्रो के इस स्टेशन के गेट और लिफ्ट 20 मई तक रहेंगे बंद, DMRC ने किया अलर्ट