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    मालवीय नगर अग्निकांड: रियाजुद्दीन के गद्दों ने बचाई कई जिंदगियां, सीपीआर देकर तीन युवकों ने नौ को बचाया

    By Rais Rais Edited By: Sonu Suman
    Updated: Thu, 04 Jun 2026 12:58 AM (IST)

    हौजरानी स्थित होटल में आग लगने से 40 से अधिक लोग फंसे, जहां स्थानीय लोगों ने गद्दे बिछाकर और सीपीआर देकर कई जिंदगियां बचाईं। धुएं के कारण दम घुटने से ...और पढ़ें

    लोगों को सीपीआर देकर बचाने वाले शोएब, वसीम और इकरार (बायें से)।

    लोगों को सीपीआर देकर बचाने वाले शोएब, वसीम और इकरार (बायें से)।

    HighLights

    1. हौजरानी होटल आग में 40 से अधिक लोग फंसे थे।

    2. रियाजुद्दीन ने गद्दे बिछाकर कई लोगों को बचाया।

    3. शोएब, वसीम, इकरार ने सीपीआर देकर जान बचाई।

    मुहम्मद रईस, दक्षिण दिल्ली। हौजरानी स्थित होटल में जब आग लगी उस समय पहली से लेकर पांचवीं मंजिल पर 40 से अधिक लोग फंसे थे। पूरे होटल में धुंआ भरने लगा। बाहर निकलने का एक ही रास्ता था। पहले तो लोगों ने सीढ़ियों से नीचे आने की कोशिश की। पर धुएं के चलते दम घुटने लगा।

    लॉबी में न कुछ दिखाई दे रहा था और न ही सांस लिया जा रहा था। लोग बेहोश होकर वहीं गिरने लगे। जान बचाने के लिए लोग वापस रूम में भागे। खिड़कियों के आगे कांच और उसके आगे एल्युमिनियम का जाली थी। उसे तोड़कर मदद के लिए पुकारने लगे। होटल के सामने ही रियाजुद्दीन मंसूरी की रजाई-गद्दों की दुकान है। वे हौजरानी में पिछले 45 वर्षों से रहते हैं। चीख पुकार सुनकर दुकान के सारे गद्दे होटल के सामने और बगल की गली में बिछा दिए।

    तीसरे तल से एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ कूदी। मां-बच्चे को हल्की चोट आयी है। दोनों का उपचार मैक्स अस्पताल में चल रहा है। वहीं चौथे तल पर फंसे दंपती ने पहले पाइप के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की, पर फिसलकर नीचे गद्दों पर गिर पड़े। गली व सामने गद्दे बिछे होने के चलते आठ से दस लोगों की जान बची।

    संकरे गलियारे में लगे शटर को तोड़कर किसी तरह अंदर घुसे

    धुआं तेज होने पर बचाव कार्य में जुटे चार-पांच युवकों ने सामने से अंदर जाने का प्रयास किया, पर तेज लपटों के कारण नहीं जा सके। फिर इमारत की दीवार से सटे संकरे गलियारे में लगे शटर को तोड़कर किसी तरह अंदर घुसे। जब वे गैलरी तक पहुंचे तो वहां कई लोग अचेत पड़े थे। धुएं के कारण सांस लेना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने वहां मौजूद चादरों में लपेटकर खींचा और बाहर निकाला।

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    लगभग 10 लोगों को बाहर लाया गया। इनकी सांसें थमता देख शोएब, वसीम और इकरार सीपीआर देने में जुट गए। थोड़ी राहत मिलने पर सभी को तुरंत अस्पताल भेजा गया। अंत में एक अचेत विदेशी को भी दमकल कर्मी निकालकर बाहर लाए। शोएब, वसीम और इकरार ने बारी-बारी उसे सीपीआर देते हुए 300 मीटर आगे मैक्स अस्पताल तक पहुंचाया।

    शीशे तोड़कर संजय और मनोज ने भी लोगों को निकाला बाहर

    लक्ष्मी नगर निवासी संजय गोयल की हौजरानी में क्राकरी की दुकान है। जब आग लगने की सूचना मिली तो वे भी दौड़ पड़े। मालवीय नगर थाने के बीट अफसर मनोज और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर उन्होंने भी राहत अभियान की कमान संभाली। अंदर फंसे लोगों को बचाने के लिए मनोज और संजय ने हथौड़े से शीशे तोड़ना शुरू किया और लोगों को बाहर भी निकाला।

    कई लोग ऊपरी मंजिलों पर फंसे थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जान जोखिम में डालनी पड़ी। संजय के मुताबिक, बचाए गए 16 लोगों में चार महिलाएं और 12 पुरुष शामिल थे। इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी थे।

    डेढ़ किलोमीटर की दूरी और आधे घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड

    घटना के बाद फायर विभाग के रिस्पांस को लेकर भी स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। सुबह 8.48 बजे पुलिस तो वहीं 8.48 बजे फायर ब्रिगेड को सूचना मिला। पर फायर ब्रिगेड की टीम लगभग 9.30 बजे घटनास्थल पर पहुंची।

    बचाव कार्य में सहयोग करने वाले स्थानीय निवासी मोहम्मद वसीम के मुताबिक नौ से सवा नौ बजे के बीच उन्होंने फायर आफिसर को 14 बाद फोन किए। हर बार थोड़ी देर में पहुंचने का आश्वासन मिलता रहा। उनके मुताबिक मालवीय नगर थाने के बगल में ही फायर स्टेशन है, जिसकी घटनास्थल से दूरी लगभग डेढ़ किलोमीटर ही है।

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