सावन में सजे दिल्ली के बाजार, हरियाली तीज पर हरी चूड़ियों और डिजाइनर साड़ियों की बढ़ी मांग
सावन माह शुरू होते ही दिल्ली के बाजारों में हरियाली तीज की रौनक छा गई है, जहां हरे रंग की चूड़ियों, साड़ियों और श्रृंगार के सामान की मांग बढ़ गई है। ...और पढ़ें

सावन माह शुरू होते ही दिल्ली के बाजारों में हरियाली तीज की रौनक छा गई है
HighLights
दिल्ली के बाजारों में हरियाली तीज की रौनक।
हरे रंग की चूड़ियों, साड़ियों की बढ़ी मांग।
सोसाइटियों में तीज उत्सव, मेले का आयोजन।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सावन माह के शुरू होते ही दिल्ली की गलियों और बाजारों में हरियाली तीज की रौनक छाने लगी है। चांदनी चौक व सदर बाजार से लेकर चावड़ी बाजार, खान मार्केट और करोलबाग तक दुकानों पर हरे रंग की डिजाइनर चूड़ियों, साड़ियों, मेहंदी और श्रृंगार के सामान की मांग बढ़ गई है। साथ ही दिल्ली भर में विभिन्न संस्थाओं पर तीज उत्सव व मेले का आयोजन किया जाने लगा है। जहां महिलाओं की रौनक देखते ही बन रही है।
चांदनी चौक कपड़ा मार्केट के संगठन दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री श्री भगवान बंसल के अनुसार महिलाएं किसी चूड़ी या साड़ी को केवल उसके रंग और डिजाइन से नहीं, बल्कि उसके डिजाइन से भी पसंद कर रही हैं।
इस समय बाजारों में हरे, मेहंदी, सिंदूरी और गुलाबी रंगों की चूड़ियों के साथ पारंपरिक साड़ियों व सूट के साथ झूला-पटरी और घर में तीज की सजावट के सामान की भी मांग बढ़ी हुई है। त्योहारों के शुरू होने से बाजार गुलजार है। उन्होंने बताया कि पिछले चार माह से बाजारों में मंदी छाई हुई थी, लेकिन दो तीन दिनों से बाजारों में काम बढ़ गया है।
घरों व सोसाइटियों में सजने लगा तीज का झूला
हरियाली तीज की तैयारी केवल बाजारों तक सीमित नहीं है। दिल्ली की सोसाइटियों व कालोनियों में महिलाएं सामूहिक तीज समारोह की तैयारियां कर रही हैं। आरडब्ल्यूए द्वारा कहीं झूले लगवाए जा रहे हैं तो कहीं फूलों, कपड़ो और पत्तियों से सावन की थीम पर सजावट की तैयारी है।
महिलाओं के लिए मेहंदी, तीज गीत, झूला और पारंपरिक खेलों की व्यवस्था भी की जा रही है। चांदनी चौक, सिविल लाइंस, करोलबाग, पहाड़गंज में तीज उत्सव के आयोजन हो रहे हैं।
इसी तरह, बेटियों और बहुओं के लिए तीज की विशेष भेंट तैयार की जा रही है। दुकानदारों के अनुसार, डिजाइनर झूला- पटरी और थाली की भी मांग बढ़ी है। फूलों, मोतियों, कपड़े और पारंपरिक कढ़ाई से सजे झूलों को महिलाएं घर और सोसाइटी परिसर की सजावट के लिए पसंद कर रही हैं। महिलाओं ने मेहंदी लगाने के लिए भी अभी से बुकिंग करनी शुरू कर दी है।
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गाजियाबाद से चांदनी चौक में खरीदारी करने आईं माधवी गुप्ता और शीतल शर्मा ने बताया कि बाजार में चूड़ियां और साड़ियां नारी सुलभ भावनाओं, पारिवारिक रिश्तों और सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाते हैं। यही वजह है कि महिलाएं इन्हें केवल सजने के लिए नहीं, बल्कि तीज की यादों को संजोने के लिए खरीद रही हैं। दूसरा हरियाली तीज महिलाओं के लिए श्रृंगार और पूजन के साथ प्रेम, समर्पण और सौभाग्य का पर्व है। सावन के झूले, लोकगीत, मेहंदी और हरे परिधानों के बीच तीज का उत्सव महिलाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ता है।