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दिल्ली-NCR में अब लकड़ी और कोयले जलाकर भी बना सकेंगे खाना, सरकार से मिली परमिशन; LPG संकट के बीच बड़ी राहत

By Sanjeev GuptaEdited By: Sonu Suman
Published: Sat, 14 Mar 2026 06:00 PM (GMT+05:30)Updated: Sat, 14 Mar 2026 07:01 PM (GMT+05:30)

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में उद्योगों, होटलों और रेस्टोरेंट्स को बड़ी राहत दी है। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति ...और पढ़ें

HighLights

  1. CAQM ने दिल्ली-एनसीआर में वैकल्पिक ईंधन की अनुमति दी।

  2. उद्योग, होटल, रेस्टोरेंट्स अब अन्य ईंधन उपयोग कर सकेंगे।

  3. प्राकृतिक गैस संकट के कारण यह अस्थायी छूट मिली।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। एलपीजी संकट के बीच वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली सहित एनसीआर में ढाबों, भोजनालयों और होटलों को अस्थायी राहत देते हुए तंदूर में लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल की अनुमति दी है। मतलब, अब वे लकड़ी और कोयला जलाकर भी खाना बना सकेंगे।

हालांकि यह छूट केवल एक महीने या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) प्रभावी रहेगी, ताकि व्यावसायिक कामकाज सुचारू रूप से चल सके। यह फैसला सीपीसीबी की सलाह पर, उद्योगों और व्यवसायों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान और केंद्र सरकार द्वारा जारी ''प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026'' के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। प्राकृतिक गैस की उपलब्धता में कमी और विभिन्न हितधारकों की परिचालन संबंधी समस्याओं को देखते हुए आयोग ने पेट्रोलियम मंत्रालय और गैस वितरण एजेंसियों के साथ समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया है।

प्रमुख बदलाव और मिली छूट

आयोग ने जून 2022 के अपने पुराने आदेश (निर्देश संख्या 65) में संशोधन करते हुए निम्नलिखित वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की अनुमति दी है:-

-प्राथमिक विकल्प : उद्योग और व्यावसायिक इकाइयां अब प्राकृतिक गैस के स्थान पर हाई-स्पीड डीजल, बायोमास और कृषि अवशेषों से बने पेलेट्स का उपयोग कर सकेंगी।
-अंतिम विकल्प : यदि ऊपर दिए गए वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में कोयले और मिट्टी के तेल के उपयोग की भी अस्थायी अनुमति दी गई है।

महत्वपूर्ण शर्तें

-समय सीमा : यह छूट केवल एक महीने की अवधि के लिए या अगले आदेश तक (जो भी पहले हो) प्रभावी रहेगी।
-क्षेत्र : यह आदेश दिल्ली सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में लागू होगा।
-अन्य नियम : वैकल्पिक ईंधन की छूट के अलावा, जून 2022 के निर्देश संख्या 65 के बाकी सभी प्रविधान पहले की तरह ही लागू रहेंगे।

ज्ञात हो कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने भी 12 मार्च 2026 को एक एडवाइजरी जारी कर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग की अनुमति देने का सुझाव दिया था, ताकि औद्योगिक कामकाज ठप न हो।

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