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    पारो-उषा-कांता से कुसुम तक दिल्ली में महिलाओं ने संभाली ड्रग्स कारोबार की कमान, नारकोटिक्स में बढ़ेंगी महिला पुलिसकर्मी

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 09:58 AM (GMT+05:30)

    दिल्ली में नशीले पदार्थों के कारोबार में महिलाएं अब मुख्य सरगना के रूप में उभर रही हैं, जिन्होंने करोड़ों की संपत्ति जुटाई है। इस बदलते स्वरूप से निपट ...और पढ़ें

    दिल्ली में ऐसे कई मामलों का खुलासा किया गया है, जिसमें महिला तस्करों ने पूरा सिंडिकेट संभाल रखा है। एआई इमेज

    दिल्ली में ऐसे कई मामलों का खुलासा किया गया है, जिसमें महिला तस्करों ने पूरा सिंडिकेट संभाल रखा है। एआई इमेज

    HighLights

    1. दिल्ली में महिलाएं अब ड्रग्स कारोबार की मुख्य सरगना।

    2. कई महिला अपराधियों ने करोड़ों की अवैध संपत्ति जुटाई।

    3. एंटी-नारकोटिक्स टीमों में बढ़ाई जाएंगी महिला पुलिसकर्मी।

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नई दिल्ली में नशीले पदार्थों के कारोबार का स्वरूप बदल रहा है। इस काले कारोबार में महिलाएं जहां पहले ज्यादातर सहायक या डिलीवरी की सीमित भूमिका में होती थीं, वहीं अब कई महिलाएं मुख्य सरगना के रूप में सक्रिय मिल रही हैं। ड्रग्स स्मगलिंग से जुड़कर कई महिला अपराधियों ने छोटे स्तर से करोड़ों की संपत्ति तक जुटा ली है। ऐसे में एंटी-नारकोटिक्स टीमों में अधिक महिला पुलिसकर्मियों को शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।

    जुटा ली अकूत सम्पत्ति

    जांच एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, तस्लीमा पुट्टी, कुसुम, पारो, उषा और कांता जैसी महिलाओं ने इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाई है। जांच में पाया गया है कि इन्होंने अवैध धंधे में लिप्त होकर करोड़ों रुपये की संपत्ति जुटाई है। इनमें फ्लैट, मकान और अन्य संपत्तियां शामिल बताई गई हैं।

    पुरुष रिश्तेदारों की गिरफ्तारी के बाद थामी कमान

    कई मामलों में महिलाओं ने अपने पति, पिता, भाई या बेटों के एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार होने के बाद कारोबार संभाला। उन्होंने पहले से मौजूद सप्लाई और ग्राहक नेटवर्क की जानकारी हासिल कर काम आगे बढ़ाया। कुछ महिलाएं छोटी टीम बनाकर अलग-अलग जिम्मेदारियां बांटती थीं।

    अचानक क्यों हो रही चर्चा?

    इस साल 22 जून को पारो (28), उषा (25) और कांता (35) को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, इन बहनों ने करीब दो करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की थी, जिसमें कई फ्लैट शामिल हैं। बचपन नशे के माहौल में बीतने और दिहाड़ी मजदूरी से शुरू करके वे इस कारोबार में शामिल हुईं।

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    वहीं, तस्लीमा पुट्टी के पास कथित तौर पर दो करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बताई गई, जबकि कुसुम ने चार करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाई।

    कुसुम सुल्तानपुरी में बहुमंजिला इमारत से काम चलाती थी और उसके खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह कमाई को परिवार के खातों में छोटे-छोटे लेनदेन के जरिए ट्रांसफर करती थी।

    कानूनी प्रावधानों का गलत इस्तेमाल

    जांचकर्ताओं के अनुसार, शराब तस्करी की तुलना में नशीले पदार्थों का मुनाफा कहीं अधिक होता है। साथ ही महिलाओं से जुड़े कानूनी प्रावधान जैसे महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी में तलाशी या रात के समय गिरफ्तारी के लिए मजिस्ट्रेट की अनुमति का कथित गलत इस्तेमाल भी किया जाता है।

    संपत्ति का निवेश पैटर्न भी अनोखा

    ड्रग्स स्मगलिंग से हुई कमाई अक्सर बैंक खातों में नहीं रखी जाती। इसके बजाय सोना या अनौपचारिक तरीके से रियल एस्टेट में निवेश किया जाता है। स्लम इलाकों में जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए संपत्ति खरीदने के उदाहरण भी सामने आए हैं।

    महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ेगी संख्या

    भलस्वा डेयरी से मजनूं का टीला तक फैले नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर निगरानी और सूचना तंत्र का इस्तेमाल होने की बात सामने आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस बदलते स्वरूप से निपटने के लिए एंटी-नारकोटिक्स टीमों में अधिक महिला पुलिसकर्मियों को शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।

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