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    उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में पानी की किल्लत होगी दूर, वजीराबाद परियोजना पर खर्च होंगे 2574 करोड़

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 08:36 PM (IST)

    उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली में जल आपूर्ति सुधारने के लिए वजीराबाद जल परियोजना पर 2574 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दिल्ली सरकार के आर्थिक कार्य वि ...और पढ़ें

    उत्तरी व उत्तर पश्चिमी दिल्ली में जल आपूर्ति सुधारेगी वजीराबाद परियोजना। (AI generated Image)

    उत्तरी व उत्तर पश्चिमी दिल्ली में जल आपूर्ति सुधारेगी वजीराबाद परियोजना। (AI generated Image)

    HighLights

    1. उत्तरी दिल्ली जल आपूर्ति सुधारने को 2574 करोड़ रुपये।

    2. वजीराबाद जल परियोजना को ADB सहयोग से मिली स्वीकृति।

    3. पुरानी पाइपलाइन बदलेंगे, नए कनेक्शन देंगे, रिसाव रोकेंगे।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। उत्तरी और उत्तर पश्चिमी दिल्ली में जल आपूर्ति सुधारने के लिए वजीराबाद जल परियोजना और इससे जुड़े क्षेत्र में 2574 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दिल्ली सरकार के आर्थिक कार्य विभाग (डीईए) की स्क्रीनिंग कमेटी ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के सहयोग से पूरी की जाने वाली इस परियोजना को स्वीकृति दे दी है।

    इससे उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के बुराड़ी, मॉडल टाउन, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, जहांगीरपुरी, पंजाबी बाग, शकूरबस्ती, पीरागढ़ी, अवंतिका पीतमपुरा व इसके आसपास के क्षेत्रों में जल आपूर्ति की समस्या दूर होगी। अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) की मदद से चंद्रावल जल उपचार संयंत्र के कमांड एरिया में जल आपूर्ति प्रणाली में सुधार को पहले ही स्वीकृति मिल गई है।

    जल मंत्री प्रवेश वर्मा का कहा है कि वर्ष 2013 में इस परियोजना की घोषणा की गई थी। परंतु तत्कालीन सरकार की गलत नीतियों के कारण यह आगे नहीं बढ़ सकी थी। भाजपा की सरकार बनने के बाद फिर से एडीबी के साथ मिलकर इस परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

    परियोजना के लिए सलाहकार की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू

    इसका उद्देश्य जल आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक बनाना, उसकी दक्षता बढ़ाना और दिल्लीवासियों को अधिक विश्वसनीय जल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस परियोजना के लिए सलाहकार की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस काम पर 43.77 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके माध्यम से परियोजना के क्रियान्वयन, तकनीकी प्रबंधन, निगरानी और समन्वय के लिए पेशेवर विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाएगी।

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    उन्होंने कहा कि मंत्री ने कहा कि भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखकर 30 वर्षीय जल मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। शहर को आठ कमांड सेंटर में विभाजित कर जल प्रबंधन में सुधार का काम किया जा रहा है। इसके अंतर्गत वजीराबाद और चंद्रावल कमांड सेंटर की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

    कमांड सेंटर को एक डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ा जाएगा

    वहीं, पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम जोन कमांड सेंटर में कार्य आवंटन जनवरी 2027 तक, जबकि पूर्व, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण जोन कमांड सेंटर में मार्च 2027 तक किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इन सभी कमांड सेंटर को एक डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ा जाएगा, जिससे अधिकारियों को पूरे दिल्ली के जल नेटवर्क की एकीकृत तस्वीर उपलब्ध होगी। छह कमांड सेंटर के डीपीआर बनाने, निविदा प्रक्रिया और निरीक्षण सेवा से संबंधित सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए 88.63 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    इस परियोजना में होने वाला काम

    1. वजीराबाद जल शोधन संयंत्र, भूमिगत जलाशय, पंपिंग स्टेशन का उन्नयन।
    2. पुरानी, क्षतिग्रस्त और कम क्षमता वाली पाइपलाइन को बदलना।
    3. आवश्यकता के अनुसार नई लाइन बिछाई जाएगी।
    4. मौजूदा जल नेटवर्क को आपस में बेहतर तरीके से जोड़ना, जिससे पानी का दबाव, वितरण और आपूर्ति की विश्वसनीयता बेहतर हो सके।
    5. घरों तक पानी पहुंचाने के लिए सभी कनेक्शनों को व्यवस्थित और नियमित करना।
    6. पाइपलाइन से वंचित क्षेत्रों में नेटवर्क का विस्तार।
    7. रिसाव और पानी चोरी से होने वाले नुकसान को कम करना।

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