₹6500 की कैब बुकिंग बनी मौत का सफर, जयपुर से पहले ड्राइवर की हत्या; कार लूटकर भागे आरोपित
जसोला से जयपुर के लिए कैब बुक करने वाले चार दोस्तों ने रास्ते में चालक आशीष पाल की गला घोंटकर हत्या कर दी और कार लूटकर शव राजस्थान में फेंक दिया। सरित ...और पढ़ें

जसोला से जयपुर के लिए कैब बुक करने वाले चार दोस्तों ने रास्ते में चालक आशीष पाल की गला घोंटकर हत्या कर दी
HighLights
कैब चालक आशीष पाल की गला घोंटकर हत्या।
जसोला से जयपुर जाते समय कार लूटने की वारदात।
सरिता विहार पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को पकड़ा।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जसोला इलाके से जयपुर के लिए कैब बुक करने वाले चार दोस्तों ने बीच रास्ते में कार लूटने के लिए 22 वर्षीय कैब चालक आशीष पाल की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को राजस्थान के जयपुर ग्रामीण इलाके में फेंक दिया।
सरिता विहार पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग समेत तीन आरोपितों और छिपने में मदद करने वाले दो अन्य को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक आशीष पाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के रहने वाले थे। नोएडा में रहकर अपनी कैब चलाते थे। विगत 19 जुलाई से वह लापता थे और 22 जुलाई को जयपुर ग्रामीण के मोखमपुरा इलाके में उनका शव बरामद हुआ।
जांच के दौरान घटनास्थल और आखिरी लोकेशन अपोलो अस्पताल, जसोला के आधार पर सरिता विहार थाने में जीरो एफआइआर के जरिए मामला दर्ज किया गया। एसीपी अनिल शर्मा के निर्देशन में जांच के दौरान पता चला कि राजस्थान के नागौर निवासी चार दोस्त अर्जुन, मंगल दीप उर्फ सानू, सुमित और एक 16 वर्षीय किशोर 18 जुलाई को दिल्ली घूमने आए थे।
20 जुलाई की सुबह उन्होंने जसोला अपोलो अस्पताल के पास से जयपुर जाने के लिए आशीष की कैब 6,500 रुपये में बुक की। मुंबई एक्सप्रेसवे से होते हुए सभी जयपुर जा रहे थे। रास्ते में सब कुछ सामान्य था और उन्होंने एक साथ लंच भी किया। यात्रा के दौरान ही मुख्य आरोपित अर्जुन ने कार लूटकर बेचने का प्लान बनाया और बाकी दोस्तों को भी पैसों का लालच देकर राजी किया।
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जयपुर से करीब 40-50 किलोमीटर पहले शौच के बहाने कार रुकवाई। इसके बाद सुमित और सानू ने चालक को दबोच लिया। वे उसे पिछली सीट पर ले गए, जहां अर्जुन और सुमित ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को रास्ते में फेंकने के बाद आरोपित कार, मृतक का फोन और पर्स लेकर अजमेर होते हुए नागौर भाग गए।
पुलिस टीम ने गोवा, पुणे और राजस्थान के जयपुर व ब्यावर में छापेमारी कर नाबालिग को पकड़ लिया। वहीं, नाबालिग को गांव में छिपाने और भगाने में मदद करने के आरोप में अनिल जाट और कालू राम को गिरफ्तार किया। बाद में इनकी निशानदेही पर आरोपित मंगलदीप उर्फ सानू, सुमित और अर्जुन को भी दबोच लिया गया।