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    SIR ड्यूटी या स्कूल में पढ़ाई? शिक्षकों के सामने असमंजस, चुनावी जिम्मेदारी से मुक्त करने की मांग

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 05:25 AM (IST)

    राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ (जीएसटीए) ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से तत्काल मुक्त करने की मांग की है। एसोसिएशन ने ...और पढ़ें

    जीएसटीए ने शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग की।

    जीएसटीए ने शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग की।

    HighLights

    1. जीएसटीए ने शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त करने की मांग की।

    2. चुनावी ड्यूटी से छात्रों की पढ़ाई को हुए नुकसान का आकलन कराने की अपील।

    3. शिक्षक स्कूल और निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारी निभाने में असमंजस में हैं।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजर के रूप में लगातार लगाई जा रही ड्यूटी को लेकर राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ (जीएसटीए) ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने शिक्षकों को एसआइआर ड्यूटी से तत्काल कार्यमुक्त कर स्कूलों में नियमित शिक्षण कार्य के लिए भेजने की मांग की है।

    साथ ही चुनावी ड्यूटी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई को हुए नुकसान का आकलन कराने की मांग की है। जीएसटीए महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि घर-घर जाकर किए जाने वाले एसआइआर कार्य की अंतिम तिथि पहले चार अगस्त निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 17 अगस्त कर दिया गया है।

    वहीं, स्कूलों की ओर से शिक्षकों को 10 अगस्त से विद्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए जा रहे हैं। ऐसे में शिक्षक एक ही समय में स्कूल और निर्वाचन संबंधी जिम्मेदारी निभाने को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।

    एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार से विशेष समिति गठित कर चुनावी ड्यूटी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़े प्रभाव, परीक्षा परिणामों पर संभावित असर और हुए शैक्षणिक नुकसान की भरपाई के उपायों का आकलन कराने की मांग की गई है।

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