दिल्ली में स्वाइन फ्लू का कहर, साल 2019 के बाद सबसे अधिक 3218 मामले दर्ज
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामले इस वर्ष तेजी से बढ़े हैं, 31 अगस्त 2026 तक 3218 संक्रमण दर्ज किए गए, जो 2019 के बाद सर्वाधिक हैं।

दिल्ली में स्वाइन फ्लू का प्रकोप बढ़ा 2019 के बाद सर्वाधिक मामले दर्ज।
HighLights
दिल्ली में 31 अगस्त 2026 तक 3218 स्वाइन फ्लू मामले दर्ज।
2019 के बाद यह दिल्ली में सर्वाधिक H1N1 संक्रमण है।
अगस्त के दूसरे पखवाड़े में संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ी।
जागरण संवाददाता नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का संक्रमण इस वर्ष तेजी से बढ़ा रहा है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 31 अगस्त तक दिल्ली में एच1एन1 के 3218 मामले सामने आ चुके हैं। 31 अगस्त को ही 164 नए मामले दर्ज हुए।
इस तरह इस वर्ष के मामले 2024 के पूरे वर्ष में सामने आए 3151 मामलों से अधिक हो गए हैं। हालांकि, वर्ष 2019 में 3627 मामले दर्ज हुए थे। लिहाजा 2026 में संक्रमण 2019 के बाद सबसे अधिक है।
अगस्त में तेजी से बढ़ा संक्रमण
अगस्त के दूसरे पखवाड़े में संक्रमण की रफ्तार में तेजी देखी गई। 24 अगस्त को स्वाइन फ्लू के 258 मामले में सामने आए, 29 अगस्त को 199। यह दोनों इस सीजन में एक दिन में सामने आए सर्वाधिक मामले रहे। इसके बाद 31 अगस्त को 164 नए मामले दर्ज हुए। दिल्ली के अस्पतालों में दिल्ली के मरीजों के अलावा बाहर से इलाज कराने पहुंचे मरीजों के मामले भी सामने आए हैं।
राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के अनुसार दिल्ली में एच1एन1 का साल-दर-साल आंकड़ा
| वर्ष | मामले | मौतें |
|---|---|---|
| 2019 | 3,627 | 31 |
| 2020 | 412 | 0 |
| 2021 | 92 | 0 |
| 2022 | 442 | 0 |
| 2023 | 209 | 0 |
| 2024 | 3,151 | 0 |
| 2025 | 229 | 0 |
| 2026 | 3,218 | 0 |
| तारीख | नए मामले |
|---|---|
| 20 अगस्त | 114 |
| 24 अगस्त | 258 |
| 26 अगस्त | 138 |
| 27 अगस्त | 166 |
| 29 अगस्त | 199 |
| 30 अगस्त | 48 |
| 31 अगस्त | 164 |
| 31 अगस्त तक कुल | 3,218 |
लक्षण
- तेज या हल्का बुखार
- लगातार खांसी
- गले में खराश या दर्द
- नाक बहना या बंद होना
- शरीर व मांसपेशियों में दर्द
- सिरदर्द और थकान
- ठंड लगना या कंपकंपी
- गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी
सावधानी
- भीड़भाड़ वाले स्थानों में सतर्क रहें
- बुखार होने पर दूसरों से दूरी रखें
- खांसते समय मुंह और नाक ढकें
- बार-बार हाथ धोते रहें
- आंख, नाक और मुंह छूने से बचें
- कमरे में हवा का आवागमन रखें
- बुजुर्ग और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
- लक्षण बढ़ने पर तुरंत डाक्टर से मिलें
बचाव
- भीड़ में जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें
- साबुन से कम से कम 20 सेकंड हाथ धोएं
- पर्याप्त पानी पीते रहें
- पौष्टिक और संतुलित भोजन लें
- पर्याप्त नींद और आराम करें
- फ्लू जैसे लक्षण में स्वयं दवा न लें
- डाक्टर की सलाह पर ही जांच कराएं
- गंभीर मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
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