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बढ़ते वायु प्रदूषण पर दिल्ली सरकार सख्त, 47 हॉटस्पॉट पर नजर रखेंगे सचिव स्तर के 13 अधिकारी

Published: Wed, 09 Sep 2026 05:04 PM (IST)

दिल्ली के 47 वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट पर हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 13 वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया ...और पढ़ें

दिल्ली में वायु प्रदूषण के 47 हॉटस्पॉट पर सचिव स्तर के 13 अधिकारी रखेंगे नजर। (एआई जेनरेटेड इमेज)

दिल्ली में वायु प्रदूषण के 47 हॉटस्पॉट पर सचिव स्तर के 13 अधिकारी रखेंगे नजर। (एआई जेनरेटेड इमेज)

HighLights

  1. दिल्ली के 47 प्रदूषण हॉटस्पॉट पर 13 अधिकारी नियुक्त।

  2. वाहनों के उत्सर्जन और सड़क की धूल पर नियंत्रण।

  3. अतिक्रमण हटाकर यातायात जाम कम करने पर जोर।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। आनंद विहार, मुंडका, पंजाबी बाग सहित वायु प्रदूषण के 47 हॉटस्पॉट पर हवा की गुणवत्ता को बनाये रखने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव स्तर के 13 वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है। हॉटस्पॉट के तीन किलोमीटर के दायरे में विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रदूषण सचिव को प्रदूषण रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की पाक्षिक रिपोर्ट उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री को दी जाएगी।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़कों की धूल और निर्माण व विध्वंस (सीएंडडी) कचरे, वाहनों के उत्सर्जन, औद्योगिक उत्सर्जन और खुले में कचरा जलने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए किए जा रहे उपायों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। मेट्रो निर्माण स्थलों पर उत्पन्न होने वाली धूल को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

युद्ध के कारण सड़क पुनर्विकास कार्य बाधित

पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण सड़क पुनर्विकास कार्य बाधित हुआ था। अब सड़क मरम्मत कार्य में तेजी लाई गई है। सड़क स्वामित्व वाली एजेंसियां को उन हिस्सों को प्राथमिकता देने को कहा गया है जहां धूल की समस्या अधिक है। इसके लिए गड्ढों की मरम्मत, मशीनीकृत सफाई, पानी छिड़काव आदि उपाय करने का निर्देश दिया गया।

आश्रम, सराय काले खां, पहाड़गंज, खजूरी सहित अन्य स्थानों पर यातायात जाम के कारण वाहनों से होने वाले उत्सर्जन से प्रदूषण बढ़ता है। दिल्ली में इस तरह के 62 स्थानों की पहचान की गई है। यातायात पुलिस को शहर में ऐसे अन्य स्थानों की पहचान करने और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) आदि को जल्द से जल्द उपचारात्मक उपाय करने को कहा गया है।

पार्किंग के कारण 60 प्रतिशत फुटपाथ और सड़क अवरुद्ध

उपराज्यपाल ने इन स्थानों पर बेहतर सिग्नल प्रबंधन, अतिक्रमण और बाधाओं को हटाने, पार्किंग प्रबंधन और त्वरित घटना प्रतिक्रिया के माध्यम से समस्या के समाधान करने को कहा गया। राजधानी के विभिन्न हिस्सों में कार, ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा द्वारा सड़कों पर अनधिकृत पार्किंग के कारण 60 प्रतिशत फुटपाथ और सड़क अवरुद्ध हो गया है जिससे भारी यातायात जाम और उत्सर्जन के कारण प्रदूषण हो रहा है।

ऐसे पहचाने गए स्थानों पर अतिक्रमण विरोधी अभियान तेज करने के निर्देश जारी किए गए। वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने के काम में तेजी लाने पर बल दिया गया।

साप्ताहिक अनुपालन प्रस्तुत करने का निर्देश

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) को ऑनलाइन उत्सर्जन निगरानी प्रणाली और प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों से औद्योगिक प्रदूषण रोकने के लिए कहा। इसके साप्ताहिक अनुपालन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में मंत्री आशीष सूद, मनजिंदर सिरसा और पंकज कुमार सिंह के साथ ही मुख्य सचिव, आयुक्त (एमसीडी), सीईओ (डीजेबी), विशेष आयुक्त (यातायात), अध्यक्ष (एनडीएमसी), प्रधान सचिव (पीडब्ल्यूडी), उपाध्यक्ष (डीडीए), सचिव (पर्यावरण और वन), सचिव (परिवहन) और संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

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