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    दिल्ली: बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस ने चली राशन कार्ड बनवाने की चाल, किया गिरफ्तार

    Updated: Thu, 25 Jun 2026 11:47 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस ने एक शातिर बदमाश को पकड़ने के लिए राशन कार्ड बनवाने की अनूठी चाल चली। पुलिस ने उसकी प्रेमिका को राशन कार्ड बनवाने के बहाने बुलाया और बदम ...और पढ़ें

    राशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर आरोपियों को किया गिरफ्तार।

    राशन कार्ड बनवाने का झांसा देकर आरोपियों को किया गिरफ्तार।

    HighLights

    1. पुलिस ने राशन कार्ड बनवाने का बहाना बनाया।

    2. बदमाश शाहनवाज अपनी प्रेमिका संग गिरफ्तार।

    3. बुजुर्ग महिला से गहने ठगने का आरोपी था।

    जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दिल्ली में कई वर्षों के बाद नए राशन कार्ड बन रहे हैं। अधिकतर लोग राशन कार्ड बनवाने की जुगत में लगे हुए हैं। क्योंकि राशनकार्ड धारकों को सरकार नि:शुल्क राशन दे रही है। एक बदमाश को पकड़ने के लिए पुलिस ने राशन कार्ड बनवाने की ऐसी चाल चली कि बदमाश सलाखों के पीछे पहुंच गया।

    बदमाश अपनी प्रेमिका के साथ राशनकार्ड बनवाने पहुंचा था। यह वह बदमाश था जिसने अपने भाई के साथ मिलकर एक बुजुर्ग महिला से गहने ठगे थे। इनकी पहचान मुख्य बदमाश शाहनवाज व इसके भाई साजिद के रूप में हुई है।

    जिला पुलिस उपायुक्त आरपी मीणा ने कहा कि अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस तकनीक के साथ ही यह भी देख रही है दिल्ली में कौन सी सरकारी योजना ज्यादा चल रही है। शाहदरा थाने में ठगी का एक केस दर्ज हुआ था, वारदात ऑटो सवार बदमाशों ने की थी।

    वेलकम में रहने वाली शाहनवाज की प्रेमिका का नंबर हाथ लगा

    एसआई अरविंद बराक के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल दीपांशु व गजेंद्र की एक टीम बनाई। पुलिस को टेक्निकल सर्विलांस के जरिये वेलकम में रहने वाली शाहनवाज की प्रेमिका का नंबर हाथ लगा। राशन कार्ड घर की महिला मुखिया के नाम पर बन रहे हैं। पुलिस ने बदमाश की प्रेमिका से फोन पर बात की और खुद को खाद्य आपूर्ति विभाग का अधिकारी बताते हुए कहा कि वह उसका राशन कार्ड बनाएंगे।

    पुलिस को यह पता चल गया था कि महिला अपने बदमाश प्रेमी के साथ ही जाती है। पुलिस ने महिला से कहा कि वह अपना बिजली का बिल व आधार कार्ड लेकर शाहदरा आ जाए। महिला जैसे ही अपने प्रेमी के साथ वहां पहुंची, पुलिस ने बदमाश शाहनवाज को गिरफ्तार कर लिया।

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    उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया पूछताछ में बताया कि वह भाई साजिद और साथी फहीम के साथ मिलकर गिरोह चलाता है। बुजुर्ग से जो गहने ठगे थे वह मौजपुर स्थित मणप्पुरम फाइनेंस में 71 हजार रुपये के लोन पर गिरवी रख दिए हैं। रकम आपस में बांट ली थी। वह वारदात के लिए पुराने आटो खरीदते थे और उन्हें अपने नाम नहीं करवाते थे। ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।

    यह है मामला

    17 जून को शाहदरा निवासी एक बुजुर्ग ने मादीपुर जाने के लिए शाहदरा मेट्रो स्टेशन के पास से एक आटो में बैठी। उस आटो में पहले से एक यात्री बैठा हुआ था। शाहदरा जीटी रोड पर रास्ते में आटो चालक व यात्री ने बुजुर्ग को डराया कि पुलिस जांच कर रही है। जिनके पास सोने के गहने हैं, उनके गहने ले रही है। बुजुर्ग ने सोने की बालियां और अंगूठी उतारकर पर्स में रख ली।

    चालक ने आटो खराब होने की बात कहकर सीलमपुर लालबत्ती पर बुजुर्ग को उतार दिया। इस बीच बुजुर्ग का पर्स निकाल लिया और फरार हो गए। गिरोह के मास्टरमाइंड शाहनवाज पर पहले से लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के आठ केस दर्ज हैं। साजिद पर चोरी का एक केस दर्ज है। इनके तीसरे फरार साथी फहीम की तलाश मेुं पुलिस छापेमारी कर रही है।

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