घरेलू कलह के कारण पहले मां गई, फिर पिता ने छोड़ा घर... भीख मांगने के लिए विवश हुए चार बच्चे; पुलिस ने ऐसे मिलाया
घरेलू कलह के कारण माता-पिता के घर छोड़ने के बाद चार नाबालिग बच्चे भीख मांगने को मजबूर हो गए। दिल्ली पुलिस ने अभियान चलाकर दो बच्चों को दिल्ली से और दो ...और पढ़ें

बच्चों को पुलिस ने मां से मिलाया। (AI Generated Image)
HighLights
पारिवारिक झगड़े के बाद माता-पिता ने बच्चों को छोड़ा।
चार नाबालिग बच्चे दिल्ली और नागपुर में भीख मांगने को मजबूर।
दिल्ली पुलिस ने अभियान चलाकर सभी बच्चों को मां से मिलाया।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। पारिवारिक झगड़े के बाद तीन नाबालिग बच्चियों की मां घर छोड़कर चली गई। 15 दिन बाद पिता भी कहीं चले गए और लौटे नहीं। तीनों बच्चों को सहारा दिया उनकी बुआ ने। बाद में बुआ के 11 वर्ष के नाबालिग बेटे के साथ 11 से 16 वर्ष की तीनों बहनें भोजन की तलाश में निकलीं और बिछड़ गईं।
दो बहनें ट्रेन में सवार होकर महाराष्ट्र तक पहुंच गईं और वहीं भिक्षाटन कर पेट पालने लगीं। जबकि उनकी एक बहन व फुफेरा भाई दिल्ली में ही रहे और अस्पतालों व व्यस्त चौराहों के पास भीख मांगकर गुजारा करने लगे।
बाद में मां की शिकायत पर पुलिस ने अभियान चलाकर दो बच्चों को दिल्ली से और नाबालिग दोनों बहनों को नागपुर से बरामद कर मां से मिलाया।
बच्चियों की मां ने पुलिस में शिकायत की
पुलिस के मुताबिक 28 जून को दक्षिण दिल्ली के भाटी माइंस की रहने वाली बच्चियों की मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। महिला के मुताबिक उनकी ननद ने उन्हें बताया कि उनकी तीनों बेटियां के साथ ही उनका बेटा भी लापता है।
महिला को अपने मोबाइल फोन पर एक वीडियो भी मिला जिसमें दो बच्चे छतरपुर में 100 फुटा रोड के पास सिग्नल पर भीख मांगते हुए दिख रहे थे। फुटेज के आधार पर पुलिस ने छतरपुर, लाडो सराय, महरौली, सफदरजंग अस्पताल, एम्स और बेघर बच्चों के अक्सर जाने वाली अन्य जगहों पर तलाशी अभियान शुरू किया।
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पुलिस ने अपहरण की एफआईआर दर्ज की
एक टीम ने सफदरजंग अस्पताल के बाहर एक बहन और उसके फुफेरे भाई का पता लगाया। दोनों वहां भोजन के लिए लाइन में लगे थे। उन्हें उनके परिवारों से मिला दिया गया। पर बाकी दो बच्चियों का पता नहीं चल सका। इस पर पुलिस ने अपहरण की एफआइआर दर्ज की और दोनों की जानकारी पूरे देश में प्रसारित कर दी।
इसके आधार पर नागपुर में जीआरपी को दोनों बच्चियां मिलीं। उन्हें एक शेल्टर होम में भेज दिया गया। जीआरपी ने दिल्ली पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद एक टीम नागपुर पहुंची और दोनों को सुरक्षित वापस ले आई। मां से मिलाने के साथ ही पुलिस ने उन्हें पर्याप्त मात्रा में भोजन व अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई।