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    एक मामूली फोन चोरी... और ध्वस्त हो गया अंतरराज्यीय साइबर ठगी का गिरोह; कैसे मिली दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता?

    By AgencyEdited By: Sonu Suman
    Updated: Mon, 10 Aug 2026 05:49 PM (IST)

    दिल्ली पुलिस ने एक बुजुर्ग के चोरी हुए मोबाइल फोन की जांच करते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में नौ आरोपी ग ...और पढ़ें

    दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी का किया पर्दाफाश। (AI Generated Image)

    दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी का किया पर्दाफाश। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. बुजुर्ग के चोरी मोबाइल से खुला साइबर ठगी गिरोह।

    2. दिल्ली पुलिस ने नौ आरोपियों को किया गिरफ्तार।

    3. जयपुर, मेरठ, गाजियाबाद में फैला था नेटवर्क।

    पीटीआई, नई दिल्ली। एक 88 वर्षीय बुजुर्ग के चोरी हुए मोबाइल फोन ने दिल्ली पुलिस को राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फैले एक अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट तक पहुंचा दिया। पश्चिम पटेल नगर निवासी इस बुजुर्ग ने 19 मई को अपना फोन चोरी होने की शिकायत की थी।

    दो दिन बाद सिम कार्ड दोबारा जारी कराने के बाद उन्हें अलर्ट मिले कि उनके बैंक खाते से दो बार 25-25 हजार और एक बार 20 हजार रुपये यानी कुल 70 हजार रुपये अनधिकृत लेनदेन के जरिए निकाल लिए गए हैं।

    पीड़ित ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत की, जिसके बाद 23 जुलाई को एफआईआर दर्ज हुई। जांच में पता चला कि यह गिरोह तीन स्तरों पर काम कर रहा था। सड़क पर ऑपरेटिव मोबाइल फोन चुराते थे।

    चोरी के फोन से पैसे म्यूल अकाउंट में होते थे ट्रांसफर

    मेरठ और गाजियाबाद का एक समूह म्यूल बैंक अकाउंट, डेबिट कार्ड, पीओएस मशीन और सिम कार्ड सप्लाई करता था। वहीं जयपुर में कॉल सेंटर जैसी सेटअप से चोरी के फोन और बैंकिंग डिटेल्स का इस्तेमाल कर पीड़ितों के खातों से पैसे म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर किए जाते थे।

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    पुलिस ने जयपुर के झोटवाड़ा स्थित एक आवासीय परिसर पर छापा मारकर मुख्य ऑपरेटर और तकनीकी मास्टरमाइंड निखिल सोनी (26) सहित उनके चार साथियों अभिषेक कुमार झा, आनंद साह सोनार, प्रिंस साह सोनार और बिषेक कुमार झा को गिरफ्तार किया।

    पीड़ितों के डेटा वाली डायरियां बरामद

    यहां से लैपटॉप, टैबलेट, राउटर, पासबुक और पीड़ितों के डेटा वाली डायरियां बरामद हुईं। साथ ही मेरठ और गाजियाबाद में छापेमारी कर म्यूल अकाउंट सप्लायर अमर जाटव, हर्ष, मोहन और वाशु को पकड़ा गया।

    कुल नौ आरोपियों के पास से 52 मोबाइल फोन, 70 डेबिट कार्ड, 145 सिम कार्ड, 13 बैंक पासबुक, छह पीओएस मशीन, चार लैपटॉप, दो टैबलेट, चार हाई-स्पीड राउटर और चार लाख रुपये नकद बरामद हुए।

    पुलिस ने अब तक इस नेटवर्क को विभिन्न राज्यों में नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 19 शिकायतों से जोड़ा है। डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी है और कुल धोखाधड़ी की रकम का आकलन किया जा रहा है।

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