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1.5 करोड़ रुपये के साइबर ठगी म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का पर्दाफाश, तीन मुख्य आरोपित गिरफ्तार

Updated: Tue, 14 Apr 2026 10:23 PM (IST)

मायापुरी पुलिस ने एक बड़े म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने गरीब युवाओं के नाम पर खाते खुलवाकर 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया।

म्यूल अकाउंट सिंडीकेट का भंडाफोड़। फोटो: सांकेतिक

म्यूल अकाउंट सिंडीकेट का भंडाफोड़। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. मायापुरी पुलिस ने म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया

  2. गिरोह ने 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की

  3. तीन मुख्य आरोपी दीपक, कृष्ण प्रताप और शशि कांत गिरफ्तार

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। पश्चिमी जिला पुलिस के मायापुरी थाने ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य आरोपितों दीपक (32), कृष्ण प्रताप सिंह (28) और शशि कांत (28) को गिरफ्तार किया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अब तक करीब 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर कर चुका है।

बेरोजगारों को कमीशन का झांसा देकर लिए थे खाते 

पुलिस के अनुसार यह गिरोह गरीब और बेरोजगार युवाओं को कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी से हासिल रकम मंगाने के लिए किया जाता था।

रकम आते ही आरोपित उसे कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि धन के असली स्रोत का पता न चल सके। जांच में यह भी पता चला है कि गिरोह ने फर्जी फर्मों के नाम पर चेक बुक और दस्तावेज भी तैयार कर रखे थे।

मामला सामने तब आया जब साइबर अपराध पर निगरानी के दौरान मायापुरी पुलिस को एक संदिग्ध बैंक खाते की जानकारी मिली। तकनीकी जांच और ट्रांजैक्शन ट्रैकिंग में पता चला कि यह खाता देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़ा है।

अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी तलाश रही पुलिस

इसके बाद इंस्पेक्टर अमित धानी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी निगरानी और बैंक इनपुट के आधार पर पहले एक आरोपित को पकड़ा, जिसकी निशानदेही पर दो अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।


गिरफ्तार आरोपितों के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन, म्यूल अकाउंट से जुड़े सिम कार्ड, फर्जी फर्मों के नाम पर जारी चेक बुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मोबाइल फोन और चैट रिकार्ड की जांच से इनके नेटवर्क में सक्रिय भूमिका की पुष्टि हुई है।

यह कार्रवाई एसीपी मायापुरी इंद्रराज सिंह मीणा की देखरेख में एसएचओ मायापुरी महिंदर लाल की टीम ने अंजाम दी। पुलिस टीम की इस सफलता पर उन्हें पुरस्कृत करने की घोषणा की गई है। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य खातों, संभावित सहयोगियों और अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों से संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

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