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एमपीडी-2047 का असर: दिल्ली में आसान होंगे भवन नक्शे, 48 गांव भी जल्द होंगे शहरी

Published: Fri, 21 Aug 2026 09:59 PM (IST)

दिल्ली में मास्टर प्लान 2047 लागू होने के साथ ही नियमों के सरलीकरण का पहला चरण शुरू हो गया है, ...और पढ़ें

दिल्ली मास्टर प्लान 2047 लागू होने पर समीक्षा बैठक लेते एलजी टीएस संधू। सौजन्य लोकनिवास

दिल्ली मास्टर प्लान 2047 लागू होने पर समीक्षा बैठक लेते एलजी टीएस संधू। सौजन्य लोकनिवास

HighLights

  1. मास्टर प्लान 2047 लागू, नियमों का सरलीकरण शुरू।

  2. भवन नियमों में बड़ी छूट, नक्शे पास कराना आसान।

  3. दोहरे ट्रेड लाइसेंस खत्म, ग्रामीण क्षेत्र भी शहरी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में आम लोगों और कारोबारियों के जीवन को आसान बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मास्टर प्लान 2047 के अधिसूचित होते ही राजधानी में नियमों के सरलीकरण यानी ''डीरेगुलेशन'' का पहला चरण लागू हो गया है।

एलजी तरनजीत सिंह संधू ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बचे हुए सभी सुधारों को इसी महीने के अंत तक हर हाल में पूरा किया जाए।

भवन नियमों में बड़ी छूट, दिल्ली होगी पूरी तरह अर्बन

नया मास्टर प्लान लागू होने से जोनिंग, भवन उप नियम, सेटबैक, फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर), ग्राउंड कवरेज और बिल्डिंग अप्रूवल से जुड़े छह प्रमुख नियमों में सीधी राहत मिली है। अब इमारतों के नक्शे पास कराना बेहद आसान हो जाएगा और कम जोखिम वाली इमारतों के लिए थर्ड-पार्टी निरीक्षण की सुविधा मिलेगी।

इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योगों के लिए सड़कों की चौड़ाई व व्यावसायिक प्लॉटों के नियमों में ढील दी गई है। दिल्ली के बचे हुए 48 गांवों को भी जल्द ही शहरी क्षेत्र घोषित करने की अधिसूचना जारी की जाएगी, जिसके बाद दिल्ली में कोई ग्रामीण इलाका नहीं रहेगा।

कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के लिए कई दूसरे बड़े कदम भी उठाए गए हैं। एमसीडी ने दोहरे ट्रेड लाइसेंस की जरूरत को खत्म कर दिया है और दुकानों के लिए आजीवन पंजीकरण लागू कर दिया है।

अब 200 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन बिना किसी पूर्व निरीक्षण के मिल सकेंगे। नाप-तौल से जुड़े लाइसेंस अब केवल स्व-घोषणा के आधार पर मिलेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं के लाइसेंस के लिए डीजीएचएस को एकमात्र नोडल एजेंसी बनाया गया है।

सिर्फ पोर्टल पर काम दिखाना मकसद नहीं 

उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया कि इस पूरी कवायद का असली मकसद केवल पोर्टल पर काम पूरा दिखाना नहीं है, बल्कि यह देखना है कि दिल्ली के एक आम दुकानदार, छोटे उद्योगपति या मरीज को सरकारी दफ्तरों के कम चक्कर लगाने पड़ें और मंजूरी जल्दी मिले।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ''ईज आफ डूइंग बिजनेस'' और ''ईज आफ लिविंग'' के सपने को पूरा करने के उद्देश्य से जल्द ही ''दिल्ली ईज आफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026'' को भी कैबिनेट की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।

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