दिल्ली में कमर्शियल सिलिंडर महंगा, घरेलू उपभोक्ताओं को भी झेलनी पड़ रही किल्लत
व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं पर बुरा असर पड़ रहा है। इसकी वजह से घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजारी बढ़ी है और डिलीवरी में 20-25 द ...और पढ़ें

व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम बढ़ने से घरेलू उपभोक्ताओं पर बुरा असर पड़ रहा है। फाइल फोटो
HighLights
व्यावसायिक सिलिंडर के दाम बढ़ने से कालाबाजारी बढ़ी।
घरेलू सिलिंडर डिलीवरी में 20-25 दिन की देरी।
5 किलो के छोटू सिलिंडर की उपलब्धता कम।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम में बढ़ोत्तरी की मार न सिर्फ रेस्तरां, ढाबे और स्ट्रीट फूड के दामों पर पड़ा है। बल्कि उसकी कीमत अब घरेलू उपभोक्ता भी चुका रहे हैं। क्योंकि, दाम में अंतर बढ़ने से घरेलू सिलिंडरों की कालाबाजी बढ़ गई है। ऐसे में सरकार का दावा भले ही घरेलू सिलिंडर की आपूर्ति सामान्य होने की ओर का हो, पर जमीनी हकीकत उलट है।
स्थिति यह कि व्यावसायिक सिलिंडर के दाम बढ़ने के बाद से बुकिंग के 20 से 25 दिन बाद सिलिंडर घरेलू उपभोक्ताओं के घर पहुंच रहे हैं। इस माह के आरंभ में व्यावसायिक सिलिंडर के दाम में 993 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है। यह अब 3,071.50 रुपये में उपलब्ध है। जबकि, घरेलू सिलिंडर के दाम यथावत 913 रुपये है।
एक एजेंसी संचालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दाम में बढ़ते अंतर के चलते घरेलू सिलिंडर के कालाबाजारी के मामले बढ़े हैं। वैसे, इस पूरे मामले में अब कई घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिलने की सरकार द्वारा तय 25 दिन की अवधि से कहीं अधिक डेढ़ से दो माह हो गई है।
पूर्वी दिल्ली के एक उपभोक्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने घरेलू सिलिंडर की बुकिंग 14 अप्रैल को कराई थी, जिसका डीएसी नंबर एक मई को जारी हुआ, जबकि सिलिंडर की डिलीवरी बुधवार को हुई है। वह भी एजेंसी में फोन कर शिकायत करने के बाद।
खबरें और भी
इस संबंध में एक एजेंसी संचालक ने बताया कि कई मामलों में डिलीवरी ब्वाय सिलिंडरों की कालाबाजारी कर रहे हैं, लेकिन पूर्व जारी सिलिंडरों के डीएसी नंबर भरे बिना अब कंपनियां आगे सिलिंडर जारी करने में कटौती कर रही है। इस तरह, दिक्कतें बढ़ी है।
नहीं उपलब्ध हुए छोटू सिलिंडर
पेट्रोलियम मंत्रालय ने श्रमिकों तथा छात्रों की असुविधा को देखते हुए पांच किलो के छोटू सिलिंडर की उपलब्धता पर जोर दिया है, लेकिन दिल्ली की अधिकांश गैस एजेंसियों पर यह कम ही उपलब्ध है। झंडेवाला स्थित एक एजेंसी संचालक ने बताया कि कुछ दिन पूर्व छोटू सिंलिडर आए थे, लेकिन वह कुछ दिन में खत्म हो गए। नया स्टाक नहीं आया है।
यह पांच किलो एलपीजी का छोटू सिलिंडर 810 रुपये में उपलब्ध है, जबकि खुले बाजार में एलपीजी की कालाबाजारी 300 रुपये प्रति किलो तक में है। ऐसे में इसकी मांग है, लेकिन इसकी उपलब्धता अभी कम है।
यह भी पढ़ें: दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0' सफल, 48 घंटे में 482 अपराधी गिरफ्तार; ISI समर्थित नेटवर्क का भंडाफोड़