क्या सख्ती से बदली दिल्ली की ट्रैफिक तस्वीर? गलत दिशा में ड्राइविंग पर 3.51 लाख चालान और 2,321 FIR
उपराज्यपाल ने दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए, जिसमें पुलिस की मौजूदगी और मानसून में जलभराव से निपटने पर जोर द ...और पढ़ें

उपराज्यपाल ने दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए
HighLights
उपराज्यपाल ने दिल्ली ट्रैफिक व्यवस्था की गहन समीक्षा की।
पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और जलभराव रोकने के निर्देश।
चालान बढ़े, ट्रैफिक शिकायतों में उल्लेखनीय कमी आई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली की ट्रैफिक स्थिति को लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने ट्रैफिक पुलिस के आला अधिकारियों के साथ पहले दिए गए निर्देशों के लागू होने की स्थिति और नियमों को लागू करने के मुख्य नतीजों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में एक बार फिर से उपराज्यपाल ने ट्रैफिक को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये। बैठक में जलभराव को लेकर भी निर्देश दिये गए।
ट्रैफिक नियमों को लागू करने के अपने कड़े रुख को दोहराते हुए उपराज्यपाल ने जोर दिया कि सड़कों पर पुलिस की मौजूदगी ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित आवागमन को रोकने का मुख्य उपाय है। इसके अलावा बैठक में कांवड़ यात्रा और स्वतंत्रता दिवस को लेकर भी विशेष ट्रैफिक तैनाती और अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
अधिकारियों को आगाह करते हुए, उन्होंने कहा कि ट्रैफिक का सुचारू रूप से चलना किसी भी अन्य नागरिक मुद्दे की तुलना में आम नागरिक के दैनिक जीवन को अधिक प्रभावित करता है। इसलिए पीक आवर्स के दौरान ज्यादा जाम वाले स्थानों पर अधिक से अधिक शारीरिक रूप से मौजूद रहें।
मानसून की वजह से प्रभावित ट्रैफिक से निपटने के लिए पहले दिए गए निर्देशों की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी, एमसीडी आदि जैसे संबंधित विभागों द्वारा पहले से किए गए उपायों के कारण, मौजूदा मानसून सीजन (5 अगस्त, 2026 तक) में शहर भर में पानी भरने वाली जगहों की संख्या तेजी से घटकर 65 रह गई है, जबकि 2024 में यह संख्या 194 और 2025 में 169 थी।
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इसके अलावा, जिन जगहों पर बार-बार पानी भरता था, उनकी संख्या 2024 और 2025 में 53 से घटकर इस साल सिर्फ 20 रह गई है। इसके परिणामस्वरूप ट्रैफिक जाम से जुड़ी काल्स में कमी आई है। जुलाई 2025 में हेल्पलाइन पर 701 काल्स आई थीं, जो इस वर्ष जुलाई में घटकर 572 रह गईं, और इसी दौरान इंटरनेट मीडिया पर ट्रैफिक से जुड़ी शिकायतों की संख्या 1,792 से घटकर 1,653 हो गईं।
प्रोजेक्ट संगम का दिखने लगा असर
उपराज्यपाल ने बताया कि प्रोजेक्ट संगम के तहत रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ 553 संयुक्त बैठकें की गई हैं। जाम की समस्या का निवारण करने के लिये लोगों से 510 सुझावों में से 410 पर जमीनी स्तर पर कार्रवाई की, जबकि 100 सुझावों को इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े काम के लिए संबंधित सिविक एजेंसियों को भेजा गया है।
ट्रैफिक पाठशाला शुरू करके 710 मुख्य चौराहों पर गलत दिशा में गाड़ी चलाने, रेड लाइट तोड़ने, ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले 17 हजार चार सौ से ज्यादा लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में सलाह दी गई।
सख्ती हुई तो चालान और एफआइआर में हुई बढ़ोत्तरी
गलत दिशा में गाड़ी चलाने के मामलों में भारी बढ़ोतरी (113 फीसदी) देखी गई। 31 जुलाई 2025 तक 1,64,365 चालान काटे गए थे, जो 31 जुलाई 2026 तक बढ़कर 3,51,523 हो गए। इस वर्ष आठ अप्रैल से 31 जुलाई के बीच गलत दिशा में गाड़ी चलाने के गंभीर मामलों में कुल 2,321 एफआइआर दर्ज की गईं।
अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई में भी 28 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और कुल 15,36,944 चालान काटे गए। इसके अलावा, स्थानीय और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त पैदल गश्त से सड़कों पर हुए 399 अतिक्रमण हटाए गए और अवैध पार्किंग के 1,915 मामलों में कार्रवाई की गई।