नितिन गडकरी के बेटे का कारवां मैगजीन पर 10 करोड़ का मानहानि केस, बीफ कंपनी से लिंक पर मांगा जवाब
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी द्वारा दायर 10 करोड़ के मानहानि मुकदमे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने द कारवां मैगजीन के एडिटर-इन-चीफ और एक पत ...और पढ़ें

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके बेटे निखिल गडकरी। फोटो: आर्काइव
HighLights
निखिल गडकरी ने द कारवां पर 10 करोड़ का मानहानि मुकदमा किया
दिल्ली हाई कोर्ट ने मैगजीन के एडिटर-इन-चीफ से जवाब मांगा
बीफ कारोबार से लिंक के आरोप वाले लेख पर रोक की मांग
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बेटे निखिल गडकरी की ओर से दायर 10 करोड़ के मानहानि के मुकदमे पर दिल्ली हाई कोर्ट ने द कारवां मैगजीन के एडिटर-इन-चीफ और एक पत्रकार से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने मानहानि मुकदमा के साथ ही संबंधित लेख पर अंतरिम रोक लगाने वाली अर्जी पर भी कारवां मैगजीन के प्रधान संपादक व एक पत्रकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
बीफ कंपनी से लिंक का आरोप
यह मुकदमा मैगजीन में छपे एक लेख के सिलसिले में दायर किया गया है, लेख में नितिन गडकरी निखिल गडकरी की कंपनी सीआईएएन एग्रो और बीफ के कारोबार से जुड़ी एक कंपनी के बीच आर्थिक संबंधों का आरोप लगाया गया था।
यह मुकदमा सीआइएएन एग्रो इंडस्ट्रीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसके मैनेजिंग डायरेक्टर निखिल नितिन गडकरी ने संयुक्त रूप से दायर किया था।
लेख पर रोक लगाने की भी मांग
गडकरी ने कारवां और उसके पत्रकारों को मानहानि करने वाली सामग्री को दोबारा प्रकाशित करने या फैलाने से रोकने के लिए भी एक अर्जी दायर की है। लेख में रेम्बल एग्रो नाम की बीफ एक्सपोर्ट कंपनी के बीच संबंधों के आरोप लगाए गए हैं।
नितिन गडकरी ने इन आरोपों को गलत बताते हुए तर्क दिया है कि सीआईएएन और रेम्बल के बीच गहरे संबंध दिखाने के लिए कुछ लेन-देन को जानबूझकर चुना गया था।
मानहानि मुदकमे में दावा किया गया है कि सीआईएएन एग्रो सिर्फ फ्रोजन सब्जियां, मसाले, चीनी, खाने का तेल और उससे जुड़े पर्सनल और होम केयर जैसे उत्पाद के निर्माण और व्यापार में लगी है और ये सभी उत्पाद पूरी तरह से शाकाहारी हैं।
मेटा के वकील ने बताया
सुनवाई के दौरान इंटरनेट मीडिया प्लेटफाॅर्म मेटा के वकील वरुण पाठक ने पीठ को बताया कि मुकदमे में एक्स पर लेख को रीपोस्ट करने वाले अधिवक्ता प्रशांत भूषण या लेख पर पाेस्ट बनाने वाले इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी को पक्षकार नहीं बनाया गया है।