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'सरकार को भी कानून का पालन करना होगा', यौन उत्पीड़न पीड़िता का नाम उजागर होने पर दिल्ली HC ने लगाई फटकार

Published: Tue, 08 Sep 2026 04:22 PM (IST)Updated: Tue, 08 Sep 2026 05:23 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकार महिला की पहचान उजागर करने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है।

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड

HighLights

  1. कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न पीड़िता की पहचान उजागर।

  2. दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकारा।

  3. कानून का पालन करने की सख्त हिदायत दी।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकार महिला की पहचान उजागर करने पर दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाई।

मामला महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से जारी पोश हैंडबुक में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की शिकार महिला की पहचान उजागर करने से जुड़ा था।

अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार को भी कानून का पालन करना होगा। कानून यौन अपराध की शिकार महिला की पहचान उजागर करने पर रोक लगाता है और ऐसा करना दंडनीय अपराध है।

अदालत ने उठाए ये सवाल

अदालत ने सवाल उठाया कि हैंडबुक में पीड़िता का नाम कैसे उजागर किया गया? और सरकार ऐसा कैसे कर सकती है? अदालत ने कहा कि सरकार खुद पीड़िता का नाम उजागर करने वाली हैंडबुक प्रकाशित कर रही है और उसे प्रसारित कर रहे हैं।

अदालत ने प्रकाशित सामग्री से जुड़े अधिकारियों का नाम पेश करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी। अदालत ने उक्त टिप्पणी आरोपित की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। जिसने कहा था कि मामला अब सुलझ गया है इसलिए हैंडबुक से उसका नाम हटाने का निर्देश दिया जाए।

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