सलमान खान के ब्रेसलेट से लेकर लॉरेंस बिश्नोई विवाद तक, फिल्म 'काला हिरण' पर बड़ी बहस; HC ने निजी अधिकारों पर घेरा
दिल्ली हाई कोर्ट ने सलमान खान की याचिका पर सुनवाई करते हुए व्यक्तित्व अधिकारों के दायरे पर अहम सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि निजी अधिकारों का दायरा कितन ...और पढ़ें

दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता सलमान खान की याचिका पर सुनवाई के दौरान निजी अधिकारों पर बड़ा सवाल उठाया।
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने व्यक्तित्व अधिकारों के दायरे पर सवाल उठाया।
सलमान खान ने 'काला हिरण' फिल्म पर रोक की मांग की।
अदालत ने कहा, प्रेरणा मात्र से रोक संभव नहीं।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। क्या किसी अभिनेता के व्यक्तित्व अधिकार (पर्सनैलिटी राइट्स) का दायरा इतना व्यापक हो सकता है कि किसी फिल्म के टीजर, प्रचार सामग्री या प्रेरणा पर भी रोक लगाई जा सके। दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेता सलमान खान की याचिका पर सुनवाई के दौरान यही अहम सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट करना होगा कि निजी अधिकारों की सीमा आखिर कहां तक है।
सलमान खान के वकील ने क्या दी दलील?
न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फाॅर लेगेसी' की रिलीज और उसके टीजर पर रोक लगाने की मांग की है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सलमान खान की ओर से पेश अधिवक्ता से पूछा कि निजी अधिकारों को आखिर कितनी दूर तक बढ़ाया जा सकता है। अदालत ने कहा कि केवल यह दावा पर्याप्त नहीं होगा कि फिल्म किसी व्यक्ति से प्रेरित है या उसमें उससे मिलते-जुलते कुछ तत्व दिखाई देते हैं।
क्या है काला हिरण और सलमान खान का 'कनेक्शन'?
सलमान खान का दावा है कि फिल्म उनके वर्ष 1998 के काला हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लाॅरेंस बिश्नोई के साथ विवाद से प्रेरित है। उनका आरोप है कि निर्माताओं ने उनकी अनुमति के बिना उनकी सार्वजनिक छवि और व्यक्तित्व का व्यावसायिक लाभ उठाने की कोशिश की है।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि फिल्म के निर्देशक ने कई साक्षात्कारों में स्वीकार किया है कि फिल्म सलमान खान से प्रेरित है। साथ ही, फिल्म में अभिनेता की पहचान से जुड़े कुछ विशेष तत्व, जैसे उनका प्रसिद्ध ब्रेसलेट, भी दिखाए गए हैं। इसलिए यह उनके निजी अधिकारों का उल्लंघन है।
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अदालत ने पूछा बड़ा सवाल
हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति के निजी अधिकारों का दावा तभी स्वीकार किया जा सकता है, जब यह स्पष्ट रूप से दिखाया जाए कि संबंधित फिल्म या सामग्री सीधे उसी व्यक्ति की पहचान और छवि का अनधिकृत उपयोग कर रही है।
अदालत ने कहा कि केवल समानताओं या संकेतों के आधार पर अंतरिम रोक लगाने का आधार नहीं बन सकता। मामले में सुनवाई जारी है। सलमान खान ने फिल्म के निर्माता, निर्देशक व निर्माण, वित्तपोषण और वितरण से जुड़े अन्य पक्षों को प्रतिवादी बनाया है और फिल्म की रिलीज के साथ-साथ उसके टीजर पर भी रोक लगाने की मांग की है।