H1N1 का बढ़ा खतरा, फिर भी हर बुखार मरीज की नहीं हो रही जांच; दिल्ली के अस्पतालों में क्या है नियम?
दिल्ली में एच1एन1 के मामले बढ़ने के बावजूद सभी बुखार मरीजों की जांच नहीं हो रही है। केवल गंभीर लक्षण ...और पढ़ें

दिल्ली में एच1एन1 के मामले बढ़ने के बावजूद सभी बुखार मरीजों की जांच नहीं हो रही है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के मामले बढ़ने के बीच सरकारी अस्पतालों में हर बुखार मरीज की जांच नहीं की जा रही है। दिल्ली स्वास्थ्य महानिदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार बुखार और फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों को उनकी स्थिति के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा जाता है। इनमें गंभीर लक्षण वाले मरीजों की ही एच1एन1 जांच कराई जा रही है। अस्पतालों को स्पष्ट निर्देश हैं कि अनावश्यक जांच से बचने के लिए लक्षण और बीमारी की गंभीरता के आधार पर सैंपल लिए जाएं ।
लोकनायक अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. बीएल चौधरी ने कहा कि हर मरीज की एच1एन1 जांच नहीं की जा रही है। जिन मरीजों में लक्षण और स्थिति को देखकर इन्फ्लूएंजा वायरस की संभावना लगती है, उन्हीं की जांच कराई जाती है। उन्होंने कहा कि मरीज की स्थिति और लक्षणों के आधार पर ही सैंपल लेने का निर्णय किया जाता है।
दिल्ली स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के दिशानिर्देशों के अनुसार ए श्रेणी में हल्का बुखार, खांसी और गले में खराश जैसे लक्षण वाले मरीज आते हैं। इन मरीजों की एच1एन1 जांच की जरूरत नहीं होती। बी श्रेणी में तेज बुखार, गंभीर गले का संक्रमण या हाई रिस्क बीमारी वाले मरीज शामिल होते हैं। इन मरीजों में भी सामान्य तौर पर एच1एन1 जांच नहीं कराई जाती है।
सी श्रेणी में सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर गिरना, खून मिला बलगम आना या बीमारी लगातार बिगड़ना जैसे गंभीर लक्षण वाले मरीज आते हैं। ऐसे मरीजों की जांच और तत्काल अस्पताल में भर्ती की जरूरत होती है। एच1एन1 की पुष्टि के लिए सैंपल आरटी-पीसीआर जांच के लिए भेजे जाते हैं।
रिपोर्ट मिलने में देरी की शिकायत
जिन मरीजों में गंभीर लक्षण मिलने पर एच1एन1 की जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं, उनकी रिपोर्ट समय से नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कुछ मरीजों और उनके स्वजन का कहना है कि सैंपल भेजे जाने के बाद रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। इस दौरान कई मरीजों की तबीयत में सुधार हो जाता है और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल जाती है। हालांकि, रिपोर्ट मिलने में औसतन कितना समय लग रहा है, इसका आधिकारिक आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
कुल जांच का आंकड़ा नहीं
इस सीजन दिल्ली में एच1एन1 के 1,344 मामले सामने आए हैं। हालांकि, अब तक कुल कितने मरीजों के सैंपल की एच1एन1 जांच हुई, इसका आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया गया है। दिल्ली स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की वेबसाइट पर भी 2026 में हुई कुल जांच का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
