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लाल किला के पास चीलों को 1275 किलो बोनलेस चिकन की दावत, स्वतंत्रता दिवस पर वायुसेना की खास तैयारी

Updated: Wed, 12 Aug 2026 08:59 PM (IST)

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिल्ली में लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के लिए एक अनोखी तरकीब अपनाई जा रही है। लाल किले के पास चीलों और अन्य पक्षियों को विमानों के उड़ान मार्ग से दूर रखने के लिए मुफ्त चिकन के टुकड़े दिए जा रहे हैं।

चीलों से फाइटर जेट को बचाने के लिए उठाया गया कदम। फोटो: एआई जनरेटेड

चीलों से फाइटर जेट को बचाने के लिए उठाया गया कदम। फोटो: एआई जनरेटेड

HighLights

  1. लड़ाकू विमानों की सुरक्षा के लिए अनोखी तरकीब अपनाई गई

  2. लाल किले के पास पक्षियों को मुफ्त चिकन दिया जा रहा

  3. बर्ड स्ट्राइक रोकने को वायुसेना, वन विभाग की पहल

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। 15 अगस्त को लाल किले के ऊपर लड़ाकू विमानों की गर्जना सुनाई देगी, लेकिन आसमान में मंडराने वाली चीलों को इस दौरान दूर रखने के लिए जमीन पर ही उनके लिए खास इंतजाम किया जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान विमानों को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग और भारतीय वायु सेना ने चीलों के लिए 'लजीज खाने' का इंतजाम किया है।

लड़ाकू विमान उड़ेंगे, चीलें दावत में रहेंगी व्यस्त

वन विभाग ने भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर लाल किला परिसर और विमानों के संभावित फ्लाइंग काॅरिडोर के आसपास चार खास ठिकाने (फीडिंग प्वाइंट) चुने हैं।

इन जगहों पर पक्षियों के लिए चिकन के टुकड़े फेंके जा रहे हैं। कोशिश यह है कि 15 अगस्त को जब लड़ाकू विमान बहुत कम ऊंचाई पर उड़ान भरें, तब चीलें आसमान में मंडराने के बजाय जमीन के पास भोजन में व्यस्त रहें। इससे पक्षियों के विमानों से टकराने यानी बर्ड स्ट्राइक का जोखिम कम करने में मदद मिलेगी।

चीलों को रोकने की नहीं, ध्यान भटकाने की तरकीब

चील स्वभाव से ही भोजन के स्रोतों और खुले स्थानों की ओर तुरंत आकर्षित होती हैं। ऐसे में उन्हें उड़ान मार्ग से दूर रखने के लिए किसी तरह भगाने के बजाय उनके लिए भोजन का इंतजाम किया जा रहा है। इस व्यावहारिक तरीके से उनके उड़ान के पैटर्न को बदलने की कोशिश की जा रही है।

गणतंत्र दिवस पर भी आजमाया जा चुका है तरीका

यह प्रयोग पहली बार नहीं किया जा रहा है। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भी वायु सेना के फ्लाइंग कॉरिडोर को सुरक्षित रखने के लिए वन विभाग ने लगभग 1,275 किग्रा हड्डी रहित चिकन का इस्तेमाल किया था। इसके जरिए चीलों को उड़ान मार्ग से दूर रखने में सफलता मिली थी।

स्वतंत्रता दिवस से पहले ही शुरू हुआ इंतजाम

उसी तर्ज पर इस बार भी स्वीकृति मिलने के बाद यह गतिविधि स्वतंत्रता दिवस से पहले ही शुरू कर दी गई है। मकसद साफ है कि 15 अगस्त को लाल किले के ऊपर लड़ाकू विमानों की उड़ान के दौरान आसमान में चीलों और विमानों के बीच टकराव की आशंका को कम से कम रखा जाए।

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