दिल्ली के जिला प्रशासन कार्यालयों में दलालों का राज, जन्म प्रमाणपत्र से लेकर बोरवेल तक के रेट तय
दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया है कि दिल्ली के जिला प्रशासन कार्यालयों में दलाल सक्रिय हैं, जो जन्म प्रमाण पत्र से लेकर बोरवेल की अनुमति तक के लि ...और पढ़ें

दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया है कि दिल्ली के जिला प्रशासन कार्यालयों में दलाल सक्रिय हैं। इमेज एआई
HighLights
दिल्ली के जिला प्रशासन कार्यालयों में दलाल सक्रिय, रिश्वतखोरी चरम पर।
जन्म, आय, जाति प्रमाण पत्र व बोरवेल अनुमति के लिए वसूली।
भजनपुरा पुलिस ने जांच शुरू की, दलालों पर कार्रवाई का आश्वासन।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। राजधानी के जिला प्रशासन कार्यालयाें में दलालों का बोलबाला है। जन्म प्रमाणपत्र से लेकर बोरवेल की अनुमति तक की रकम तय है। प्रशासन के कार्यालयों का यह हाल है कि दलाल ही सरकारी नोटिस लेकर लोगों के पास जा रहे हैं।
एक ही अधिकारी के हस्ताक्षर नोटिस पर अलग-अलग तरीके से हैं। अधिकारियों का नाम लेकर वह रिश्वत की रकम तय करते हैं। अधिकारियों को दलाल इस बात की गारंटी देते हैं कि सीबीआइ या पुलिस अगर उन्हें रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी करती है तो वह उनका नाम नहीं लेंगे। यह गारंटी देकर वह रिश्वत की वसूली कर रहे हैं, जिसकी बाद में बंदरबाट की जाती है।
दैनिक जागरण ने बृहस्पतिवार को उत्तर पूर्वी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली जिलाधिकारी कार्यालय जाकर पड़ताल की। इस दौरान लोगो ने बताया कि आय प्रमाणपत्र के लिए तीन से चार हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। जबकि जाति प्रमाणपत्र के लिए आठ से दस हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। सबसे ज्यादा उगाही बोरवेल सीलिंग के नाम पर चल रही है।
यमुना विहार क्षेत्र में पानी की किल्लत है। यहां की हालत यह है रिक्शा से पानी की बोतलों की सप्लाई की जाती है और बोतल के100 से 150 रुपये वसूले जाते हैं। एनजीटी के आदेश के बाद भी यहां लोगों ने बोरवेल लगाए हुए हैं। भू-जल का इस्तेमाल हो रहा है।
यमुना विहार डिवीजन के अधिकारियों की सीसीटीवी फुटेज भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही है जिसमें नीरज गुप्ता, इंतजार व परविंदर छापेमारी में उनके साथ दिखाई दे रहे हैं। मामले की खबर जब दैनिक जागरण में बुधवार के अंक में प्रकाशित की गई तो कार्रवाई करने की बजाय मामले को दबाने में अधिकारी व जनप्रतिनिधि जुट गए हैं।
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भजनपुरा थाना पुलिस अपने स्तर पर कर रही हैं जांच
प्रशासन के अधिकारी यमुना विहार क्षेत्र में बड़े स्तर पर बोरवेल सिलिंग के नाम पर उगाही का खेल कर रहे हैं। ऐसे में भजनपुरा थाना पुलिस ने अपने स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन लोगों को तलाश रही है, जिन्होंने एसडीएम व तहसीलदार के साथ रहने वाले बाहरी लोगों को मोटी रिश्वत दी है। पुलिस का कहना है कि कोई व्यक्ति लिखित शिकायत देगा ताे एफआइआर दर्ज की जाएगी।
चेयरमैन बोले डीएम कार्यालय में तीनों दलालों का प्रवेश होगा बंद
उत्तर पूर्वी जिला विकास समिति चेयरमैन जितेंद्र महाजन ने कहा कि दलालों का प्रवेश डीएम कार्यालय में बंद करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों से इन्होंने रिश्वत ली है वह सामने आएं, केस दर्ज करवाएंगे। दावा किया एफआइआर दर्ज होने के बाद कोई अधिकारी शिकायतकर्ता को परेशान नहीं करेगा। हालांकि कार्रवाई पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।